9 सितंबर से 8 अक्तूबर तक चलेगा अभियान, एनीमिया जांच शिविरों के साथ पोषण वाटिकाओं को दिया जाएगा बढ़ावा
डीसी ने आंगनबाड़ी के पोषाहार की गुणवत्ता और डाइट चार्ट की नियमित निगरानी के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में 9 सितंबर से 8 अक्तूबर तक नौवां राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा। अभियान के दौरान बच्चों में पौष्टिक और संतुलित खान-पान की आदतें विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों और गांवों में एनीमिया जांच शिविर, पोषण रैलियां, डिजिटल ट्रैकिंग और पोषण वाटिकाओं को लेकर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पारंपरिक एवं पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। यह जानकारी उपायुक्त राहुल कुमार ने मंगलवार को बचत भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण माह की गतिविधियों को अभियान तक सीमित न रखते हुए नियमित रूप से जारी रखा जाए। पंचायत प्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने पर जोर दिया।जिले में 1111 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें करीब 370 में पोषण वाटिकाएं स्थापित हैं। उपायुक्त ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देने और आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार की गुणवत्ता की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छह माह की आयु के बाद बच्चों को समय पर पूरक आहार देना जरूरी है। अभियान के दौरान बच्चों में मोबाइल फोन के अधिक इस्तेमाल से होने वाले शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों को लेकर भी जागरूक किया जाएगा। अभिभावकों से बच्चों को खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया गया। बैठक में अधिकारियों को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई।
घुमारवीं में शुरू होगा पायलट चरण
इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना का पायलट चरण घुमारवीं आईसीडीएस ब्लॉक में दो अक्तूबर से शुरू होगा। इसके तहत माताओं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों के पोषाहार में सुधार किया जाएगा। बच्चों को सप्ताह में तीन बार दूध अथवा अंडा देने की व्यवस्था होगी। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के हॉट कुक्ड मील को भी अधिक पौष्टिक बनाया जाएगा।