बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोग वहां पर आए और बंदूक से बंबर ठाकुर पर गोलियां चला दी। गोली लगने से पूर्व विधायक और उनका पीएसओ घायल हो गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीएसओ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि पूर्व विधायक को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। आपको बता दें कि गोलियां लगने के बाद बंबर को पहले किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था, बाद में बंबर को भी जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
बंबर ठाकुर के बेटे ईशान ठाकुर ने कहा, "दोपहर करीब 3 बजे मैं नहाने गया और नहाते समय मुझे गोलियों की आवाज सुनाई दी। जब मैं बाहर आया तो मेरे भाई ने मुझे बताया कि किसी ने मेरे पिता पर गोली चलाई है। उस समय जो लोग उनके साथ थे, उन्होंने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। कुछ दिन पहले मीडिया के माध्यम से मेरे पिता ने सरकार को बताया कि उन्हें मारने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कुछ नेताओं के नाम भी लिए थे।
हमले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया
बंबर ठाकुर को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है, क्योंकि बंबर ठाकुर ने कहा कि उन्हें आईजीएमसी या पीजीआई रेफर करें उन्हें एम्स रेफर न करें। बंबर ठाकुर को टांग में गोली लगी है। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक जिला अस्पताल मौके पर पहुंचे। वहीं, पीएसओ को एम्स बिलासपुर रेफर किया गया है। पीएसओ की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि करीब 12 राउंड गोलियां चली हैं। उधर, बंबर ठाकुर पर हमले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें हमलावरों के चेहरे भी दिख रहे हैं।
पुलिस टीमें बनाकर आरोपियों को ढूंढ रही हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। बंबर ठाकुर की पत्नी के सरकारी आवास पर ये हमला हुआ है। बंबर ठाकुर ने गाड़ी के पीछे छिपकर जान बचाई है। पीएसओ ने बंबर ठाकुर को बचाने के लिए दो गोलियां खाई हैं।
वहीं, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर जानलेवा हमला दुर्भाग्यपूर्ण है, सरकार और पुलिस इसपर तुरंत कार्रवाई करेगी और दोषी जल्द सलाखों के पीछे होंगे, हिमाचल मैं इस तरह की घटना चिंताजनक है। हमने उनके परिवार से बात की है वह खतरे से बाहर हैं और उपचाराधीन हैं ।''
बता दें कि पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर 23 फरवरी 2024 को रेल लाइन निर्माण कंपनी के कार्यालय के बाहर भी हमला हुआ था। इस दौरान 11 आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया था। इस हमले के बाद 20 जून 2024 को बंबर ठाकुर पर हमले के मुख्य आरोपी पर कोर्ट परिसर के बाहर गोलियां चलाई गई थी। इस मामले में पुलिस ने बंबर ठाकुर के बेटे सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 23 फरवरी को बंबर ठाकुर पर हुए हमले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने 9 जनवरी को कारतूस मामले में एक बार फिर गिरफ्तार किया था। इस दौरान बंबर ठाकुर ने आरोप लगाए थे कि उन पर जानलेवा हमला करने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद अब एक बार फिर बंबर ठाकुर पर जानलेवा हमला हो गया।
'प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह तबाह'
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''बिलासपुर में हुआ गोलीकांड अत्यंत चिंताजनक है। इस तरह की घटना से यह स्पष्ट है की प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से तबाह है। मैं उम्मीद करता हूं कि इस गोली कांड के जो भी दोषी हैं, वे जल्द से जल्द कानून की गिरफ्त में होंगे। इस गोलीकांड में घायल लोगों के अति शीघ्र स्वस्थ होने की मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।
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