तंबाकू का सेवन और बिगड़ती जीवनशैली इस बीमारी के मुख्य कारक
शिवा इंस्टिट्यूट में एम्स के सहयोग से लगा जागरूकता शिविर
विशेषज्ञों ने दी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में शिवा इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी, बिलासपुर में एक दिवसीय सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एम्स बिलासपुर के तकनीकी सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल संस्थान के छात्रों, बल्कि स्थानीय समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम यूनाइटेड बाय यूनीक रही, जो कैंसर के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संदेश देती है।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एम्स बिलासपुर की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मीनाक्षी मीनू ने बीमारी के तकनीकी पहलुओं को सरल भाषा में लोगों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा, कैंसर लाइलाज नहीं है, यदि इसकी पहचान शुरुआती चरणों में हो जाए। तंबाकू का सेवन और बिगड़ती जीवनशैली इस बीमारी के मुख्य कारक हैं। उन्होंने अपील की कि शरीर में दिखने वाले किसी भी असामान्य बदलाव या गांठ को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
संस्थान की प्राचार्य डॉ. ईशा रानी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कैंसर के प्रति जागरूकता केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन बनाने की जरूरत है। उन्होंने भावी फार्मासिस्टों से आग्रह किया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने का जिम्मा उठाएं। संस्थान के प्रबंध निदेशक इंजीनियर पुरुषोत्तम शर्मा और कार्यकारी निदेशक मधु शर्मा ने सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि समुदाय के स्वास्थ्य के प्रति भी जवाबदेही निभाना है। इस दौरान एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अदिति ने भी सामाजिक बदलाव के लिए ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से कैंसर मुक्त समाज बनाने, नशे से दूर रहने और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने का संकल्प लिया। इस दौरान विशेषज्ञों ने संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी।