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Bilaspur News: महिलाओं ने फास्ट फूड का हुनर सीख पकड़ी आत्मनिर्भरता की राह

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यूको आरसेटी बिलासपुर में 12 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा
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25 महिलाओं ने सीखा मोमो, बर्गर, नूडल्स, कटलेट, पिज्जा, सैंडविच बनाना

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने की दिशा में यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) बिलासपुर का प्रयास सराहनीय साबित हो रहा है। संस्थान की ओर से आयोजित 12 दिवसीय फास्ट फूड बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम वीरवार को पूरा हुआ।
इस प्रशिक्षण में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी और बीपीएल परिवारों से संबंधित 25 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में संस्थान के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने सभी प्रतिभागी महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किए और उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और फास्ट फूड मेकिंग जैसे छोटे व्यवसायों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल उन्हें कौशल प्रदान करता है, बल्कि आत्मविश्वास भी जगाता है कि वे अपने दम पर परिवार की आय में योगदान दे सकती हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को फास्ट फूड बनाने की आधुनिक विधियों के साथ बाजार में इसकी बढ़ती मांग के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने उन्हें मोमो, बर्गर, नूडल्स, कटलेट, पिज्जा, सैंडविच आदि व्यंजन बनाने की विधियां सिखाई, जिससे वे छोटे स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। महिलाओं को बैंकिंग और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, मुद्रा लोन और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई, ताकि वे आर्थिक सहायता प्राप्त कर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
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संस्थान के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि यूको आरसेटी भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से संचालित है और जिले के ग्रामीण युवाओं, विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निशुल्क प्रशिक्षण देता है। कहा कि संस्थान में अब तक सैकड़ों महिलाएं ड्रेस डिजाइनिंग, ब्यूटी पार्लर, बैग निर्माण, मशरूम उत्पादन, रेशम कीट पालन और दुग्ध उत्पादन जैसे प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार शुरू कर चुकी हैं। प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागी महिलाओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। एक प्रतिभागी ने कहा कि पहले हमें यह नहीं पता था कि छोटा सा काम भी व्यवसाय बन सकता है, अब हम घर से ही फास्ट फूड बनाकर बेचने की योजना बना रही हैं। संस्थान का यह प्रयास न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान की भावना भी पैदा कर रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं अब सीख से रोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
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