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दो दिन से हाईवे पर ही डटे किसान

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भोट/बिलासपुर। दिल्ली जाने से रोके जाने पर आक्रोशित किसान गुरुवार दोपहर से ही हाईवे पर ही डटे हुए हैं। किसानों ने सड़क पर ही गद्दे-रजाई और बिस्तर लगा लिया है। हाईवे के एक ओर की साइड बिल्कुल बंद करके टैंट लगा लिए हैं। गुरुवार की रात सड़क पर ही लंगर छका। शुक्रवार दिन का भोजन भी सड़क पर ही बैठकर किया। शुक्रवार दोपहर में अपर जिलाधिकारी तथा अपर पुलिस अधीक्षक किसानों को समझाने पहुंचे। किसान दिल्ली जाने की अपनी मांग पर अड़े रहे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मना करने पर धरने पर ही बैठे रहे। इस दौरान नैनीताल हाईवे पर एक लेन से वाहन गुजारे गए। भोट में धरने को देखते हुए बिलासपुर से ही वाहनों का रूट डायवर्ट कर वाया केमरी रामपुर के लिए भेजा गया।
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गुरुवार दोपहर करीब बारह बजे बिलासपुर से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व कारों से दिल्ली की ओर रवाना हुए, इस बीच भोट थाने के पास उन्हें पुलिस ने रोक लिया। दिल्ली जाने से रोके जाने पर आक्रोशित किसान थाने के सामने सड़क पर ही धरने पर बैठ गए थे। कई दौर की बातचीत के बाद शाम करीब पांच बजे उपजिलाधिकारी सदर और अन्य अधिकारी किसानों को मनाने में सफल हो गए और किसानों ने धरना समाप्त कर दिया था, लेकिन थोड़ी ही देर में किसानों से भरी एक ट्रॉली नेशनल हाईवे में दूसरी ओर से जाते देख अधिकारियों ने पीछा कर भोट कस्बा स्थित पेट्रोल पंप के पास रोक ली। इसपर आक्रोशित किसानों ने हाईवे पर ही धरना देना शुरू कर दिया था। आक्रोशित किसानों ने हाईवे जाम कर दिया था। प्रदेश और केन्द्र सरकार पर पुलिस के माध्यम से किसानों का दमन करने का आरोप भी लगाया था। देर रात भी पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के समझाने के बावजूद आक्रोशित किसान दिल्ली जाने की अपनी मांग पर अड़े रहे। वहीं, शुक्रवार सुबह भी धरना स्थल पर एकत्रित किसान अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे रहे। किसानों ने जिला प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया। वहीं, दोपहर बाद एक बार फिर आला अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर अपर जिलाधिकारी राम भरत तिवारी और अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने आंदोलनकारी किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन आक्रोशित किसान दिल्ली जाने की मांग पर अड़े रहे, इसपर अधिकारी वापस चले गए। भोट में धरने को देखते हुए बिलासपुर कोतवाली पुलिस ने केमरी तिराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर रुद्रपुर से आने वाले वाहनों को वाया केमरी होकर रामपुर को निकालना शुरू कर दिया। शुक्रवार को रामपुर से रूद्रपुर जाने वाले वाहनों को पहाड़ी गेट से वाया केमरी होकर वाहनों को रात भर गुजारा गया। इस दौरान वाहन चालकों को काफी दिक्कत हुई। नगर में केमरी तिराहे पर पूरे दिन भी पुलिस मुस्तैद रही। धरना स्थल पर किसानों का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन अंबावता के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनीफ वारसी ने कहा कि किसान शांतिपूर्वक दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे लेकिन प्रशासन ने रोक लिया है तो हम हाईवे पर ही धरना प्रदर्शन को मजबूर हैं। किसान केंद्र सरकार के काला कानून को वापस लेने तक आंदोलन करते रहेंगे और शनिवार को टोल प्लाजा पर ही धरना प्रदर्शन कर आंदोलन किया जाएगा। धरने में संतोष शर्मा, अमरजीत सिंह, शमशेर सिंह, त्रिलोक सिंह, मलकीत सिंह, नरेन्द्र सिंह, महेन्द्र पाल, गुरुदीप सिंह, गुरुमुख सिंह, जस्सा सिंह, शेरा सिंह, जगजीत सिंह, सुखदेव सिंह, अर्जुन सिंह, मो. उमर, रहीस अहमद, बलवीर सिंह, देवेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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