सब्सिडी का दिया भरोसा, लेकिन बजट न होने से सिर्फ चार किसानों को मिला लाभ
बोले- योजनाओं के नाम पर भीड़ जुटाई, धरातल पर नतीजा शून्य
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। आतमा प्रोजेक्ट के तहत 23 अगस्त को औहर में आयोजित सेमिनार किसानों के लिए नाराजगी का कारण बन गया। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने तथा देसी गाय की खरीद पर सब्सिडी उपलब्ध करवाने की जानकारी दी।
किसानों से कहा गया कि वे सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। लेकिन किसानों का आरोप है कि इस तरह के बड़े कार्यक्रमों का मकसद सिर्फ भीड़ जुटाना होता है। किसानों को भरोसा दिलाया गया कि देसी गाय खरीदने पर उन्हें सब्सिडी मिलेगी, मगर जब वे आवेदन करने पहुंचे तो विभाग ने बजट न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। किसानों ने सवाल उठाया कि जब बजट ही उपलब्ध नहीं था तो किसानों को भ्रमित करने वाला प्रचार क्यों किया गया। विभाग का कहना है कि इस बार मात्र 10 लाख रुपये ही मिले थे। इसके चलते चारों ब्लॉकों में केवल एक-एक किसान को ही सब्सिडी का लाभ दिया जा सका। आतमा प्रोजेक्ट के परियोजना निदेशक रितेश गुप्ता ने कहा कि फिलहाल सीमित बजट के कारण अधिक किसानों को लाभ नहीं मिल पाया। भविष्य में यदि अतिरिक्त बजट उपलब्ध होता है तो पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाया जाएगा। किसानों का कहना है कि सरकार और विभाग योजनाओं के नाम पर उन्हें सपने दिखाते हैं लेकिन धरातल पर परिणाम शून्य हैं। कार्यक्रमों में बुलाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाकर भीड़ तो जुटा ली जाती है, मगर जब लाभ देने की बारी आती है तो विभाग हाथ खड़े कर देता है। किसानों और विभाग के बीच अविश्वास की खाई लगातार गहराती जा रही है।