घुमारवीं में प्राकृतिक खेती सामुहिक संवेदना कार्यक्रम की अध्यक्षता करते विधायक राजेंद्र गर्ग।
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बिलासपुर। जिला बिलासपुर में 2738 किसान 1704 बीघा भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। यह जानकारी विधायक राजेंद्र गर्ग ने सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती सामूहिक संवेदना कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दी। इस कार्यक्रम का आयोजन कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश और कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आतमा) बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में घुमारवीं में किया गया। कार्यक्रम में घुमारवीं क्षेत्र के लगभग 450 किसानों ने भाग लिया।
विधायक गर्ग ने किसानों को सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को धरातल पर पहुंचाने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के अंतर्गत देशी गाय खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान या अधिकतम 25 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
गर्ग ने बताया कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती की विधि के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए जिला बिलासपुर में 3847 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है जिसमें जिला के 2738 किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती को अपना कर कुल 1704 बीघा भूमि में खेती की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में वर्ष 2019-20 में आतमा परियोजना के अंतर्गत 1.62 करोड़ रुपये की कार्ययोजना अनुमोदन हो चुकी है जिसमें प्राकृतिक खेती के लिए 82.57 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
कार्यकारी निदेशक कृषि डॉ. चंदेल ने किसानों को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि इस वर्ष के अंत तक प्रदेश में 50 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने की योजना बनाई है ताकि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को पूरा किया जा सके ताकि प्रदेश के उपभोक्ताओं को खाने के लिए रसायन मुक्त, जहर मुक्त स्वच्छ उत्पाद मिल सकें।