-बाड़ी मंझेड़वा पंचायत ने सस्ता राशन, आवास योजना से काटा नाम
-चार पंचायतों ने नशे के खिलाफ खोला है मोर्चा
-दकड़ी पंचायत में आठ परिवारों को किया गया है चिन्हित
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत बाड़ी मंझेड़वा पंचायत ने नशे में संलिप्त चार युवाओं के परिवारों को पंचायत की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं से हटा दिया है। पंचायत की ओर से मुख्य रूप से सस्ता राशन और आवास योजना से इन परिवारों के नाम काट दिए गए हैं।
घुमारवीं क्षेत्र में चार पंचायतों ने नशे के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद अब कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत घुमारवीं उपमंडल की बाड़ी मंझेड़वा पंचायत में अभी तक कुल चार ऐसे परिवार पाए गए हैं जिन्हें पंचायत की ओर से मिलने वाली सुविधाओं में मुख्य रूप से सस्ता राशन व आवास योजना से हटा दिया गया है। दकड़ी पंचायत में ऐसे आठ परिवार चिन्हित कर लिए गए हैं जिन पर शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं इन दो पंचायतों के अलावा ग्राम पंचायत औहर और गतवाड़ पंचायत ने भी इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए ग्राम सभाओं की बैठक में जनता की राय के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। बता दें कि इन पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्राम सभा की बैठक में नशा करने वालों के खिलाफ सख्त फैसला लेते हुए उनके परिवारों को पंचायत सुविधाओं से वंचित करने का प्रस्ताव पास किया था। वहीं जिन नशा तस्करों के खिलाफ घुमारवीं थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया उनके परिवारों को भी प्रतिबंध में शामिल किया गया है। बाड़ी मझेड़वा पंचायत के प्रधान पंकज चंदेल व दकड़ी पंचायत के उप प्रधान पवन जमवाल ने कहा कि उनकी पंचायतों में नशा तस्करी व चिट्टे के मामलों को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थीं जिसको देखते हुए ग्राम सभा की बैठक में यह फैसला लिया गया कि नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के परिवारों को पंचायत सुविधाओं से वंचित किया जाए। इस पर अमल करते हुए उन्होंने कार्रवाई शुरू कर दी है और ऐसे परिवारों को आवास योजना व सस्ता राशन जैसी सुविधाओं से हटा दिया गया है। वहीं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वह भी इस अभियान का हिस्सा बनकर अपनी पंचायतों में चिट्टा जैसे जानलेवा नशे के खिलाफ जुड़े।
कोट
सरकार और विभाग की ओर से पंचायतों को ऐसे कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं जिसमें वह ऐसे किसी भी परिवार को सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित कर सके। विभाग की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी पंचायतों में नशे के खिलाफ जागरूक करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
डॉ. तिलक राज, जिला पंचायत अधिकारी