महिला सप्तशक्ति संगम से सशक्तीकरण का संदेश
एसवीएम दधोल में महिलाओं की भूमिका, आत्मनिर्भरता पर हुआ मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। यश, सौभाग्य, वाणी, स्मृति, बुद्धि, धैर्य और क्षमाशीलता स्त्रियों के स्वाभाविक गुण हैं। नारी घर की रोशनी और समाज की आधारशिला है, इसलिए उसकी सुरक्षा और सम्मान हम सबका दायित्व है।
इसी भावपूर्ण संदेश के साथ सरस्वती विद्या मंदिर हाई स्कूल दधोल में शनिवार को महिला सशक्तीकरण को समर्पित महिला सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, सामाजिक भूमिका और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना रहा। शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, राजनीति और व्यवसाय से जुड़ी अनेक विशिष्ट महिलाओं ने मंच साझा कर अपने अनुभव और विचार रखे। मुख्य अतिथि आशा जोशी (प्रवक्ता, वाणिज्य संकाय) ने कहा कि नारी केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की भी आधारशिला है। उन्होंने शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को महिला सशक्तीकरण की सबसे बड़ी कुंजी बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त बीपीओ सीता पटियाल ने की। उन्होंने महिलाओं से अपने भीतर छिपी शक्ति को पहचानने और सामाजिक बंधनों को तोड़कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारे नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बनना चाहिए।
मुख्य संकुल शैक्षिक प्रमुख पुष्पलता ने शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षित महिला ही सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण कर सकती है। वक्ता के रूप में अनिशा शर्मा (पूर्व बीडीसी चेयरमैन) ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेष अतिथि सुनीला शर्मा (प्रांत संयोजिका, महिला सप्त शक्ति संगम) ने संगठन की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी तथा महिलाओं को एकजुट होकर समाज हित में कार्य करने का संदेश दिया। डॉ. पूर्णिमा शर्मा और प्रियंका शर्मा ने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।