- सुन्हाणी में जिला स्तरीय मेले के शुभारंभ पर निकाली शोभायात्रा
संवाद न्यूज एजेंसीबरठीं (बिलासपुर)। मेले मेल-मिलाप एवं भाईचारे के प्रतीक होते हैं। संस्कृति को आगे आने वाली पीढ़ी को हस्तांतरित करने में मेले व त्योहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला स्तरीय मेला नलवाड़ सुन्हाणी का शुभारंभ करते हुए हाईकोर्ट शिमला के अधिवक्ता कुलभूषण खजुरिया ने यह बात कही।
उन्होंने लोगों को मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सुन्हाणी राजाओं के समय में कहलूर रियासत की राजधानी होती थी। उस समय से इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। सुन्हाणी मेले के प्राचीन स्वरूप को लोगों ने सहयोग से संभाल कर रखा है। इसके लिए वह सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि यह मेला सभी की गौरवमयी सोच का प्रतीक है। इस अवसर पर ठाकुरद्वारा मंदिर से मेला ग्राउंड तक शोभायात्रा निकाली गई। बाद में झंडा फहराकर मेले का विधिवत रूप से शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने भाषण, कविता व रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके अलावा महिला मंडलों ने भी अपनी प्रस्तुति दी।
इस मौके पर मेला कमेटी की प्रधान गायत्री देवी ने मेले का इतिहास बताया। उन्होंने समस्त पंचायत वासियों का मेले के सहयोग के लिए आभार व्यक्त भी किया। मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। इस मौके पर पंचायत प्रधान उपेंद्र परमार, व्यापार मंडल के प्रधान प्रकाश चंद्र वर्मा, पंचायत उप प्रधान विक्रम परमार, सुरेंद्र कौशल, रामेश्वर कौशल, निर्मल, भगत राम शास्त्री सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।