घुमारवीं/भगेड़ (बिलासपुर)। पूर्व सीपीएस एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश धर्माणी ने कहा कि सैनिक सच्चाई की मूर्ति होते हैं। उनमें तत्काल फैसला लेने की भी एक विशेष क्षमता होती है। पूर्व सैनिक लोगों को चाहिए कि जिस ईमानदारी से उन्होंने देश की सेवा सीमाओं पर की उसी तरह से वह समाज में भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
समाज हित में भी उनका योगदान बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक स्कूलों में बच्चों को देश के प्रति किए गए शानदार कार्यों से भी अवगत कराएं। धर्माणी 1971 के भारत-पाक युद्ध में मिली विजय की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कांग्रेस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में युद्ध नायक एवं शहीदों की वीर नारियों को सम्मानित भी किया गया। युद्ध शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
राजेश धर्माणी ने कहा कि सैनिकों द्वारा देश के प्रति किए गए शानदार कार्य का कोई मोल ही नहीं हो सकता। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि 1971 के युद्ध के शौर्य चक्र विजेता कर्नल बुद्धि सिंह लोगबाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में मोदी सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वह वन रैंक वन पेंशन देने में पूर्णतया असफल रहे। आज भी सैनिकों में वन रैंक वन पेंशन समान रूप से नहीं दी गई है। इसमें कई विसंगतियां भी हैं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर पूर्व सैनिकों के मुद्दों पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। इस अवसर पर वीर नायकों, सैनिकों, चौधरी राम, कश्मीर सिंह, प्रकाश चंद, ईश्वर सिंह, वीर सिंह, भाग सिंह, लेख राम, प्रेम कुमार, हरिराम, बंशी राम, सुंदर राम, नंदलाल, दौलतराम, शालिग्राम, जोगिंदर सिंह, भूप सिंह, भाग सिंह, ईश्वर सिंह, प्रकाश चंद, सुंदर, रूपलाल, गरीब राम, ध्यान सिंह सहित अनेक पूर्व सैनिकों व विधवाओं को भी सम्मानित किया गया।