पंचायत चुनावों में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के चयन को राजनीतिक दल माथापच्ची करने में जुटे हैं। वहीं, कुछ ऐसे उम्मीदवार चुनावी रण में हैं जो पार्टी समर्थन की परवाह न कर प्रचार अभियान में जुट गए हैं। चुनावी रण में उतरने के इच्छुक उम्मीदवारों ने प्रचार को ताकत झोंक दी है।
उम्मीदवारों ने अपील से लेकर पोस्टर अभियान शुरू कर दिया है। बिना चुनाव चिन्ह से भी प्रत्याशियों ने बैनर, पोस्टर छपवा दिए हैं। गांव-गांव जाकर प्रत्याशी अपने पक्ष में मतदान करने का लोगों का आह्वान कर रहे हैं। जिला परिषद तथा बीडीसी का चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों ने अपना अभियान तेज कर दिया है। हालांकि, सभी जगहों पर राजनीतिक दलों ने उम्मीदवारों के नामों के पत्ते नहीं खोले हैं।
इसलिए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी माथापच्ची में जुटा है। वहीं, कई उम्मीदवारों ने मन बना लिया है कि पार्टी समर्थन मिले या न मिले, चुनाव जरूर लड़ेंगे। पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन से मैदान में उतर गए हैं। अपने रसूख के दम पर प्रत्याशियों ने पोस्टर चिपकाने शुरू कर दिए हैं। संकेत साफ हैं कि राजनीतिक दलों का समर्थन मिले या न मिले, चुनावी रण में जरूर उतरेंगे।
चुनावी रंग में छाए फेसबुक, व्हाट्सएप
चुनाव प्रचार के लिए उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया को सबसे सुगम रास्ता माना है। फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगे हैं। मोबाइल में एसएमएस के माध्यम से मतदाताओं का समर्थन मांगा जा रहा है।
तीन चरणों में होगा मतदान
बिलासपुर जिला में तीन चरणों में पंचायतों के चुनाव होंगे। इसके तहत पहली, तीन तथा पांच जनवरी को मतदान किया जाएगा। जिला में 151 पंचायतें, 97 बीडीसी वार्ड तथा 14 जिला परिषदों के लिए मतदान होगा।