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Bilaspur News: छह दिन बाद भी बालिका सुधार आश्रम नहीं भेजी गईं नाबालिग बहनें

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सीडब्ल्यूसी के आदेश पर नहीं हुआ अमल, मेडिकल में देरी बनी वजह
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गरली-परागपुर स्थित बालिका सुधार आश्रम भेजने के दिए थे निर्देश
बच्चियां अब भी वन स्टॉप सेंटर बिलासपुर में, पढ़ाई और पुनर्वास प्रक्रिया प्रभावित


संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घरेलू प्रताड़ना के संवेदनशील मामले में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) का निर्णय छह दिन बाद भी धरातल पर लागू नहीं हो पाया है। कमेटी ने 10 जुलाई को दोनों नाबालिग चचेरी बहनों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए उन्हें जिला कांगड़ा के गरली-परागपुर स्थित बालिका सुधार आश्रम भेजने का आदेश दिया था। साथ ही जिला बाल संरक्षण विभाग को निर्देश दिए गए थे कि अगले ही दिन दोनों बच्चियों को आश्रम भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, लेकिन छह दिन बाद भी आदेश पर अमल नहीं हो सका।
इस कारण दोनों बच्चियां अब भी बिलासपुर के वन स्टॉप सेंटर में रह रही हैं। इससे उनकी शिक्षा, नियमित काउंसिलिंग और पुनर्वास की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। जानकारी के अनुसार विशेषज्ञों ने बच्चियों की मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट सीडब्ल्यूसी को सौंपी थी। रिपोर्ट और बच्चियों के बयानों के आधार पर कमेटी ने उन्हें संस्थागत संरक्षण देने का निर्णय लिया था।
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गरली स्थित बालिका सुधार आश्रम में दोनों बच्चियों के रहने, शिक्षा, स्वास्थ्य, काउंसिलिंग, पुनर्वास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जानी है। वहीं से उनकी पढ़ाई भी जारी रखी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार वयस्क होने तक संस्थागत संरक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
दरअसल, दोनों नाबालिग चचेरी बहनों ने अपने-अपने पिता पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए उनके साथ घर लौटने से इनकार कर दिया था। दोनों की माताओं का पहले ही निधन हो चुका है। बच्चियों के अनुसार वे लंबे समय से प्रताड़ना झेल रही थीं और इसी कारण एक जुलाई को घर छोड़कर अपने एक रिश्तेदार के पास पहुंच गई थीं। बाद में पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई और महिला एवं बाल विकास विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उन्हें संरक्षण में लेकर चिकित्सीय परीक्षण के बाद वन स्टॉप सेंटर में रखा था।
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मेडिकल के बाद भेजी जाएंगी बच्चियां : जिला बाल संरक्षण अधिकारी
जिला बाल संरक्षण अधिकारी सत्या देवी ने बताया कि बच्चियों का मेडिकल पहले नहीं हो पाया था। बुधवार को मेडिकल कराया गया। यदि मेडिकल की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है तो दोनों बच्चियों को आज ही गरली स्थित बालिका सुधार आश्रम भेज दिया जाएगा। यदि मेडिकल में देरी होती है तो उन्हें वीरवार को आश्रम भेज दिया जाएगा।
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