कांगू लाइन पर निर्भरता होगी खत्म, 6.67 करोड़ से कोटला से नई लाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू
एम्स बिलासपुर से भी बिछेगी 33 केवी लाइन, घुमारवीं को मिलेगा तीसरा विकल्प
पुरानी लाइनें 40 साल पुरानी, जर्जर तार के कारण बार-बार लग रहे कट
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। बिजली बोर्ड घुमारवीं डिवीजन की ओर से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब घुमारवीं के लिए 33 केवी की एक नई सर्किट लाइन तैयार की जा रही है, जिससे बिजली आपूर्ति में लगने वाले घोषित कटों से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में घुमारवीं क्षेत्र में बिजली आपूर्ति केवल कांगू से आने वाली 33 केवी लाइन पर निर्भर है। ऐसे में यदि किसी कारणवश इस लाइन में फाल्ट आ जाए तो पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। इस एकमात्र निर्भरता को खत्म करने के लिए बिजली बोर्ड ने अब जिला हमीरपुर के कोटला (बिझड़) से नई 33 केवी लाइन बिछाने का निर्णय लिया है, जिसके लिए 6.67 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध हो चुका है। यह लाइन झंडूता और झबोला तक जाएगी, साथ ही घुमारवीं होकर गुजरेगी। यह नई लाइन घुमारवीं के लिए एक वैकल्पिक स्रोत के रूप में कार्य करेगी। इस कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आने वाले कुछ दिनों में कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
इसके अलावा, एम्स बिलासपुर में स्थापित होने वाले 132 केवी सब-स्टेशन से भी 33 केवी की एक नई लाइन बिछाई जा रही है, जो सीधे बडोल देवी से जोड़ी जाएगी। इस लाइन का कनेक्शन भी घुमारवीं से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्र को तीसरा विकल्प मिल जाएगा। इन नई लाइनों के पूरा होने से आने वाले महीनों में घुमारवीं सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।
बता दें कि वर्तमान में कांगू से कंदरौर तक की पुरानी लाइन लगभग 40 वर्ष पुरानी है, जिसकी अवधि लगभग 15 वर्ष पहले समाप्त हो चुकी है। इसके कारण वायरिंग और कंडक्टर काफी जर्जर हो चुके हैं, जिन्हें बदलने की प्रक्रिया भी जारी है। अभी तक कोई वैकल्पिक स्रोत न होने के चलते कांगो लाइन पर अतिरिक्त लोड बढ़ जाने से क्षेत्र में बार-बार बिजली कट लगने की स्थिति बनती है।
कोट
नई 33 केवी लाइनों के बिछ जाने से बिजली आपूर्ति में स्थायित्व आएगा, वोल्टेज की समस्या दूर होगी और लोगों को निर्बाध बिजली मिलेगी। यह परियोजना घुमारवीं क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
-कर्ण चंदेल, अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड, घुमारवीं