आज से 8 सितंबर तक चलेगा अभियान
बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल बढ़ाने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला/भगेड़ (बिलासपुर)। प्रदेश के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को किताबों से जोड़ने और उनमें नियमित रूप से पढ़ने की आदत विकसित करने के उद्देश्य से ‘माय वर्ड्स, माय स्टोरी’ रीडिंग कैंपेन की शुरुआत 15 अगस्त से होगी। यह अभियान 8 सितंबर तक चलेगा। अभियान के सफल संचालन को लेकर शुक्रवार को वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप निदेशक शिक्षा गुणवत्ता एवं जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा बिलासपुर निशा गुप्ता ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए अधिकारियों और शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निशा गुप्ता ने बताया कि अभियान समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश एवं रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों में नियमित पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ उनकी रचनात्मकता, सोचने की क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों तथा सरकारी स्कूलों में जीवंत पुस्तकालय (वाइब्रेंट लाइब्रेरी) विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अभियान का आधिकारिक शुभारंभ 15 अगस्त को होगा। इसके बाद 17 अगस्त से 7 सितंबर तक ‘माय लाइफ, माय लाइब्रेरी कार्ड’ रीडिंग एंगेजमेंट ड्राइव आयोजित की जाएगी। इसी अवधि में बच्चों को प्रतिदिन पढ़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘प्लेज रीडिंग टाइम’ के तहत शपथ भी दिलाई जाएगी।
24 से 31 अगस्त तक ‘क्रिएशन ड्रिवेन लिटरेसी’ गतिविधि के तहत बच्चों से 100 शब्दों की सूक्ष्म कहानियां लिखवाई जाएंगी। वहीं 31 अगस्त से 5 सितंबर तक स्कूलों में रीडिंग रिफ्लेक्शन कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे। यहां विद्यार्थी पुस्तकों से प्राप्त अपने अनुभव, विचार और सीख साझा करेंगे। अभियान के समापन अवसर पर 8 सितंबर को सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक ‘रीड-ए-थॉन’ आयोजित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर इसी दिन अभियान का समापन होगा। बैठक में सभी गतिविधियों को निर्धारित समयसारिणी के अनुसार स्कूल स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने और अधिक से अधिक बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के साथ स्कूलों को अभियान की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। निशा गुप्ता ने सभी मुख्याध्यापकों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ें तथा पढ़ने की गतिविधियों को आनंददायक, रचनात्मक और नियमित बनाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करें। अभियान के बाद सभी स्कूलों से आयोजित गतिविधियों की समेकित रिपोर्ट भी प्राप्त की जाएगी।