बरठीं (बिलासपुर)। शिक्षा खंड झंडूता के अंतर्गत 64 प्राथमिक पाठशालाओं के पास अपनी भूमि नहीं है। स्कूल वन विभाग की भूमि में चल रहे हैं। हालांकि वन विभाग की भूमि को स्कूलों के नाम करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी तक भी यह प्रयास सफल होता नजर नहीं आ रहा है।
जिलाधीश के माध्यम से भी स्कूलों को भवन और भूमि संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है, ताकि जमीन स्कूलों के नाम की जा सके।
शिक्षा खंड झंडूता में राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला ज्योरा, राजकीय प्राथमिक पाठशाला दोकडू, राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंद नगरांव, राजकीय प्राथमिक पाठशाला डाहड, बाला, मलारी, कल्लर, रियाणा, गुजरेहडा, नघ्यार, बडगांव टी, डोहक, जोहड ध्यानी, घराण, ठठ्ल जंगल, सिल्ह, झुझणु, डुडियां, खरली, खतेड, पराहु, घराड, समलेटु, खलसाय, कोहली, तुंगडी, झरेडी, फटोह, टीहरा, कंडयाणा, संगास्वीं, खरोटा, फगोग, कुठेड़ा, घंडीर खास, झमराड़ियां, तांवड़ी, गोचर, भगतपुर, मरूडा, बड़गांव-2, बुखर, ठेडू नघ्यार, कुरकोठी, ढांगु बांगुड, कुट बांगुड, जोहड खलसा, कुल्जयार, गुरनाड़ी, भड़ोली खुर्द, बकैण, भराड़ी, बैंथरीं, खेड़ी दुरघाट, पपलोआ, कोट, ककरैहड़, पारली, घनौला ससोटा, मलरांव खास, जोहड़ सुंदरी व राजकीय प्राथमिक पाठशाला खाल सहित 64 राजकीय प्राथमिक पाठशालाएं ऐसी हैं जिनका भवन वन भूमि में बनाया गया है।
इनमें से कई पाठशालाएं ऐसी हैं जिनके भवन को बने 20 साल तक हो गए हैं, लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक जमीन अपने नाम नहीं करवा पाया है।
बीईईओ झंडूता रतनी देवी ने बताया कि जिलाधीश ने झंडूता के जो स्कूल वन भूमि में चल रहे हैं उनसे दस्तावेज मांगे हैं। इसके लिए हर सप्ताह बैठक का आयोजन किया जा रहा है।