बिलासपुर। डीईसीई डिप्लोमा होल्डर्स ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, सचिव शिक्षा विभाग और निदेशक प्रारंभिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश को ईमेल लिखकर प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती हेतु बनाए जा रहे भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में डीईसीई को शामिल करने की गुहार लगाई है।
प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (डीईसीई) डिप्लोमा होल्डर्स की अध्यक्ष ललित शर्मा ने बताया कि करोना के चलते सभी का इकट्ठा होना और सरकार के नुमाइंदों से मिलना संभव नहीं था। इसलिए डीईसीई डिप्लोमा होल्डर्स ने अपनी बात ई मेल के जरिये सरकार के समक्ष रखी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की तर्ज पर डीईसीई डिप्लोमा होल्डर्स को प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम में शामिल किया जाए। प्रदेश में ऐसे हजारों बेरोजगार है जिन्होंने डीईसीई डिप्लोमा किया हुआ है। डीईसीई डिप्लोमा होल्डर्स को विशेष रूप से प्री प्राइमरी के बच्चों को शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। जबकि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी प्री प्राइमरी एजुकेशन के लिए अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन का प्रमुखता से जिक्र और प्रावधान किया गया है। उनका कहना है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के हिसाब से डीईसीई प्रशिक्षित अभ्यर्थी इन पदों के लिए सबसे उपयुक्त हैं। इसलिए डीईसीई प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता को ध्यान में रखते हुए डीईसीई पास लोगों को ही इस पद के लिए योग्य उम्मीदवार माना जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह उनके साथ अन्याय होगा। डीईसीई डिप्लोमा होल्डर्स के पास इस पद में भर्ती होने के अलावा और कोई भी विकल्प नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार का फैसला डीईसीई के हजारों बेरोजगार युवाओं के हक में होगा व प्री प्राइमरी शिक्षकों के लिए बनाए जा रहे भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में डीईसीई प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को प्रमुखता से स्थान मिल पाएगा।