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विद्यार्थियों के साथ छात्रवृत्ति के नाम पर हो रहा मजाक

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बिलासपुर कॉलेज में अपनी मांगों को लेकर प्रधानाचार्य को ज्ञापन सौंपते एबीवीपी के कार्यकर्ता। - फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई की ओर से प्रदेश स्तरीय मांगों को लेकर प्रधानाचार्य रामकृष्ण के माध्यम से शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थी परिषद ने प्रमुख भागों को शिक्षा मंत्री से उठाया है।
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मंत्री के समक्ष रखी गई मांगों में सड़कों की खस्ता हालत के कारण दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि को रोकना तथा सड़कों में सुधार किया जाना जरूरी है। वहीं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में परीक्षा प्रणाम एवं पूर्ण मूल्यांकन के परिणाम को तुरंत घोषित करना, छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार छात्र संघ चुनाव बहाल करना और केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर का निर्माण जल्द से जल्द किया जाना शामिल है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में शिक्षकों गैर शिक्षकों की निमित्त भर्तियां किया जाना और कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर एवं वानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय नौणी की फीस वृद्धि वापस लिया जाने की मांगें शामिल हैं।
विद्यार्थी परिषद ने कहा कि अगर हम कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की बात करें तो छात्रों का आर्थिक शोषण किसी से छुपा नहीं है। विश्वविद्यालय में 50 प्रतिशत कृषि सीटें ऐसी हैं जहां सालाना खर्चा 1.5 से 2 लाख रुपये है। यही नहीं इसमें प्रवेश परीक्षा के लिए जो फार्म भरे जाते हैं उनका खर्चा भी 3100 रुपये प्रति छात्र रहता है। एक तरफ सरकार किसानों की स्थिति को सुधारने की बातें करती है और दूसरी तरफ अत्यधिक 30 किसानों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करती है। कहा कि विद्यार्थियों के साथ छात्रवृत्ति के नाम पर मजाक किया जाता है और इन सभी कारणों से हिमाचल का बहुत बड़ा हिस्सा कृषि की शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाता है। कहा कि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा किया जाए।
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