-कर्मचारी बोले, मांग पूरी नहीं होने तक खत्म नहीं होगी हड़ताल
-बिना कर्मचारियों के जिले भर में प्रभावित हुई निर्धारित आम सभाएं
-पंचायतों में तीन दिनों से लोगों के नहीं हो रहे कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले भर में गांधी जयंती के उपलक्ष्य पर निर्धारित आम सभाएं प्रभावित हुई। जिले भर में केवल तीन पंचायतों में ग्राम सभा का कोरम पूरा हो पाया। पंचायत सचिवों के बिना ग्राम सभा के कार्यों में बाधा आई। मांगों को लेकर 30 सितंबर से हड़ताल पर बैठे कर्मचारी लगातार तीसरे दिन भी हड़ताल पर बैठे रहे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उन्हें विभाग में विलय नहीं करती है, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी। वहीं तीन दिन से लोगों को पंचायत से संबंधित कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
गांधी जयंती पर सभी पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इसमें विकास खंड घुमारवीं की ग्राम पंचायत कुलज्यार और बड़गांव गल्लू और सदर विकास खंड की मैथी पंचायत में कोरम पूरा हो पाया। जिले में 176 पंचायतें हैं। 173 पंचायतों में कुछ में कोरम पूरा नहीं हो पाया, वहीं कुछ पंचायतों में तो इसका आयोजन हुआ ही नहीं। बिना सचिव के ग्राम सभाएं करने में पंचायतों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। विभाग की ओर से सिलाई अध्यापिकाएं और ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य कर्मचारियों को ग्राम सभा आयोजित करने का जिम्मा सौंपा गया था। पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से भी विभाग को इसके बारे में अवगत करवाया गया था कि बिना सचिव के यह ग्राम सभा नहीं हो सकती। क्योंकि ग्राम सभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 की कार्य योजना जैसे 15वां वित्त आयोग, कार्य योजना तैयार करना, राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और परिवार विभाजन जैसे कार्य होने थे, जो बिना सचिव के नहीं हो सकते। उधर, प्रधान संघ सदर के अध्यक्ष विक्रम ठाकुर और झंडूता संघ के प्रधान कांशीराम ने कहा कि इन कर्मचारियों कि मांग न्यायोचित है। सरकार को इनकी मांगों को पूरा करना चाहिए, ताकि पंचायती राज के कार्य सुचारू रूप से चल सके। जिले में विकास खंड सदर, स्वारघाट, झंडूता और घुमारवीं में पंचायत सचिव, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायक और पंचायत चौकीदार तीसरे दिन हड़ताल पर बैठे रहे। जिला परिषद अधिकारी एवं कर्मचारी महासंघ सदर इकाई के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार को इसके लिए उनकी मांगों को लेकर पहले भी अवगत कराया गया था, लेकिन इस पर कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है। जब तब विभाग में कर्मचारियों का विलय नहीं हो जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।