- उपमंडल घुमारवीं हुआ सबसे अधिक प्रभावित
- 16 पेयजल योजनाओं में भी 25 प्रतिशत तक कम हुआ पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में करीब तीन माह से बारिश नहीं होने से सूखे की मार पड़ रही है। 16 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, जो बुआई की गई फसल का करीब 70 प्रतिशत है।
बारिश न होने से 16 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। आने वाले दिनों में स्थिति ऐसी ही रहती है तो कई क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो जाएगी। प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में 23,280 हेक्टेयर पर गेहूं की बुआई की गई है। इसमें से 16 हजार हेक्टेयर भूमि की फसल पर सूखे की मार पड़ी है। सूखे की सबसे ज्यादा मार उपमंडल घुमारवीं में फसलों पर पड़ी है। यहां 81 प्रतिशत गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। उपमंडल झंडूता में 78 प्रतिशत, उपमंडल स्वारघाट में 50 प्रतिशत और उपमंडल सदर में 47 प्रतिशत गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। इस कारण किसानों को अब तक 10.33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा चारों उपमंडल की 16 पेयजल योजनाएं शून्य से 25 प्रतिशत तक प्रभावित हुई हैं। हालांकि प्रभावित योजनाओं से पेयजल आपूर्ति में कटौती नहीं की गई है। यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो विभाग को राशनिंग शुरू करनी होगी। इस कारण आपूर्ति में कटौती शुरू हो जाएगी। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार बारिश नहीं होने का असर फरवरी के बाद बड़े स्तर दिखना शुरू हो जाएगा। उधर, जल शक्ति विभाग बिलासपुर के अधीक्षण अभियंता इं. राहुल दुबे का कहना है सूखे के कारण 16 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। आने वाले दिनों में भी बारिश नहीं होती है तो कई स्थानों पर पेयजल की दिक्कत बढ़ सकती है।