- अली खड्ड बचाओ संघर्ष समिति ने अर्की विधायक पर लगाए आरोप
- पेयजल योजना को रद नहीं करने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
- गैर कानूनी तरीके से हुआ पेयजल योजना का काम, सीबीआई करे जांच : रजनीश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दाड़लाघाट स्थित सीमेंट प्लांट को फायदा पहुंचाने के लिए कीकर-नवगांव पेयजल योजना बनाई जा रही है। प्लांट को यह लाभ देने का काम अर्की के विधायक कर रहे हैं। यह आरोप अली खड्ड बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने लगाए हैं। उन्होंने चेताया कि यदि योजना को रद नहीं किया गया तो रविवार को होने वाली तीसरी महापंचायत के बाद आंदोलन उग्र हो जाएगा।
वीरवार को परिधि गृह बिलासपुर में आयोजित संघर्ष समिति के अध्यक्ष रजनीश शर्मा ने कहा कि अर्की के विधायक इस पेयजल योजना का काम सीमेंट प्लांट को फायदा पहुंचाने के लिए करा रहे हैं। उन्होंने लोगों को बरगलाने के लिए विभागीय कमेटियां बनाईं। फिर उनसे झूठी रिपोर्ट बनवाई गई। हाइड्रोलॉजिस्ट कमेटी ने सिर्फ नवगांव में पानी का स्तर देखा और उसी पर रिपोर्ट बना दी, जबकि नियमानुसार कमेटी को खड्ड के मुंहाने से लेकर अंतिम छोर तक जल स्तर की जांच करनी चाहिए थी। बताया कि अली खड्ड का जलस्तर कम होने के कारण ही एम्स बिलासपुर और हाइड्रो कॉलेज को कोलडैम से पेयजल योजना बनाई गई थी। अली खड्ड पर बन रही पेयजल योजना गैर कानूनी तरीके से बनाई जा रही है। किसी पेयजल योजना जब निर्माण किया जाता है तो पहले टैंक, पंपिंग स्टेशन यानी हेड बनाया जाता है। बाद में पाइप बिछाई जाती है। कीकर-पेयजल योजना में पहले पाइप बिछा दी गई और अब हेड का निर्माण किया जा रहा है। वहीं जो ठेकेदार इसका काम कर रहा है, उसने अली खड्ड में अवैध खनन किया। एनजीटी के नियमों अनुसार किसी भी योजना के लिए प्राकृतिक रूप से बह रही खड्ड से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अभी तक हुए निर्माण कार्य की सीबीआई से जांच करने की मांग की है। कहा कि आंदोलन को 44 दिन हो गए हैं। दोनों जिलों के प्रशासन और सरकार तक कई माध्यम से यह मामला पहुंच चुका है। आज तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी आंदोलनकारियों से बात करने नहीं आया है, जबकि शांति प्रिय तरीके से आंदोलन कर रहे लोगों की बात सुनना सरकार और प्रशासन का नैतिक कर्तव्यहै। इस मौके पर कमेटी के सदस्य राजपाल सरीन, सचिव कर्म सिंह, सुरेंद्र, सिकरोहा पंचायत प्रधान भूप सिंह मौजूद रहे।
इनसेट
महिला ने किया क्रमिक अनशन
पेयजल योजना के विरोध में चल रहा आंदोलन वीरवार को 44 दिन भी जारी रहा। वीरवार को क्रमिक अनशन का जिम्मा महिलाओं ने संभाला। क्रमिक अनशन पर विद्या देवी, लक्ष्मी देवी, कमला देवी, सोमा देवी, सत्या देवी, उर्मिला देवी, सीमा देवी बैठीं।