- बोर्ड ने पहले लिया था शारीरिक शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाने का निर्णय
- डीपीई संघ के आग्रह पर बदला एचपी बोर्ड ने अपना फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शुक्रवार से शुरू होने वाली प्रदेश शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में शारीरिक शिक्षकों की अधीक्षक और उप अधीक्षक के रूप में ड्यूटी लगेगी। बोर्ड ने पहले बोर्ड की परीक्षाओं में शारीरिक शिक्षकों (डीपीई) की ड्यूटी नहीं लगाने की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद डीपीई संघ ने शारीरिक शिक्षा विषय के पेपर के मूल्यांकन का बहिष्कार का एलान कर दिया था। वहीं संघ के आग्रह पर अब बोर्ड ने तय किया है कि बोर्ड परीक्षाओं में डीपीई की ड्यूटी लगाई जाएगी।
बहिष्कार के एलान के बाद बोर्ड ने डीपीई की ड्यूटी परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और उप अधीक्षक के रूप में लगाने का निर्णय लिया है। डीपीई संघ के प्रधान राजकुमार राणा, पूर्व प्रधान ललित चौहान दिनेश झगटा, महासचिव संजय यादव ने बयान जारी कर बताया था कि हर साल प्रदेश की वार्षिक परीक्षाओं में डीपीई को अधीक्षक और उप अधीक्षक लगाया जाता है, लेकिन बोर्ड ने डीपीई को इस बार अधीक्षक और उप अधीक्षक नहीं लगाने का आदेश दिया था। साल 2001 से शारीरिक शिक्षा विषय को इलेक्टिव विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है उसके साथ ही जियोग्राफी, म्यूजिक, सोशियोलॉजी, इतिहास, राजनीतिक शास्त्र, हिंदी आदि विषय भी पढ़ाए जाते हैं, उन विषयों के सभी प्राध्यापकों की ड्यूटी लगाई जा रही है, लेकिन सिर्फ शारीरिक विषय के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उधर, प्रदेश शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि डीपीई परीक्षाओं में अधीक्षक और उप अधीक्षक के तौर पर तैनात किए जाएंगे। इसकी सूचना उन्हें दे दी है।