-लोगों ने औषधालय को स्तरोन्नत करने की उठाई मांग
-जिला मुख्यालय में ही उपलब्ध हैं अच्छी सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के तहत बरठीं पशु औषधालयों में श्वानों के लिए पर्याप्त पचार नहीं मिल रहा है। यहां तक की जिला के कई पशु औषधालयों में कुत्तों के लिए ग्लूकोज लगाने की भी कोई सुविधा नहीं है। कुत्तों को जमीन पर लेटा कर ही ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। इस कारण लोगों में सरकार के प्रति रोष है।
कुत्ते के मालिकों में सुनीत सिंह, बिशन सिंह, धनंजय, रवि कुमार, सुनील कुमार संजीव सहित अन्य पशु प्रेमियों ने बताया कि पशुओं में मौसम में बदलाव के कारण संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। कुत्तों में रेबीज, मैगॉट्स, कैनाइन डिस्टेंपर, लेप्टोस्पायरोसिस सहित अन्य बीमारियों का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उल्टी बुखार के कारण कुत्ते भोजन छोड़ देते हैं और कमजोरी से उनकी मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि अधिकांश लोग हाईब्रिड कुत्ते पाल रहे हैं जिनकी बीमारी पर उनको उपयुक्त मात्रा में उपचार चिकित्सालय में नहीं मिल रहा है। इस कारण उनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कुत्तों के फैक्चर होने पर जिला अस्पताल में ही इलाज संभव है जिसके लिए उनको 60 से 80 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि रक्त जांच व फैक्चर की जांच के लिए एक्स रे की सुविधा पशु औषधालयों में दी जानी चाहिए ताकि लोग अपने कुत्तों का इलाज अपने नजदीकी पशु औषधालय में करवा सकें। यह सुविधा केवल जिला मुख्यालय के अस्पताल में ही मिल रही हैं।
उन्होंने बरठीं पशु औषधालय को स्तरोन्नत करने की मांग की है ताकि दूरदराज के क्षेत्र के लोगों को बरठीं में ही यह सुविधा मिल सके।
उधर उपनिदेशक पशुपालन विभाग डॉ. विनोद कुंदी ने बताया कि सरकार की ओर से दी जाने वाली दवाइयां व उपयुक्त व्यवस्था पशु औषधालयों में की गई है जिनमें से कुछ एक सुविधा मात्र जिला अस्पताल में ही उपलब्ध है। जहां पर पशुओं का हर प्रकार का इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुत्तों की किसी भी बीमारी पर शीघ्र पशु चिकित्सक के पास दिखाना चाहिए ताकि समय से उपचार किया जा सके अन्यथा उपचार नहीं हुआ तो और कुत्ते भी संक्रमित हो सकते हैं।