दो जिलों के सीमावर्ती लोगों को करना पड़ेगा परेशानी का सामना
- पीएचसी पर करीब तीन हजार की आबादी निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल घुमारवीं के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुह मझवाड़ के चिकित्सक का तबादला करीब एक माह बाद ही हो गया है। इस
स्वास्थ्य केंद्र में तैनात महिला चिकित्सक का तबादला झंडूता के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलोल के लिए कर दिया गया है। इसके आदेश स्वास्थ्य विभाग ने 30 अक्तूबर को जारी किए हैं।
पीएचसी कुह मझवाड़ बिलासपुर और मंडी जिले की सीमा के पास है। इस पीएचसी पर इन दोनों जिलों की करीब तीन हजार की आबादी निर्भर करती है। चिकित्सक का तबादला होने के बाद एक बार फिर क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना होगा। लोगों को छोटी-मोटी बीमारी के लिए कई किलोमीटर दूर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर जाना होगा। पीएचसी कुह मझवाड़ में करीब एक माह पहले ही चिकित्सक की नियुक्ति की गई थी। उससे पहले भी पीएचसी में चिकित्सक का पद खाली था। कभी कभार प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक पीएचसी में भेजे जाते थे। एक माह पहले नियमित चिकित्सक की सेवाएं मिलने से लोगों को राहत मिली थी, लेकिन यह राहत लंबे समय तक नहीं रही। अब इस पीएचसी में एक फार्मासिस्ट और सहायक ही रह गए हैं। कुह मझवाड़ जिले का दुर्गम क्षेत्र माना जाता है। यह मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर है। इसके साथ ही मंडी जिले का डूगली क्षेत्र पड़ता है। इस क्षेत्र के लोग भी स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए पीएचसी कुह मझवाड़ पर निर्भर हैं। लेकिन उन्हें भी अब परेशानियों का सामना करना होगा। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द नए चिकित्सक की नियुक्ति इस पीएचसी में की जाए, ताकि परेशानियों का सामना न करना पड़े।