शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना से संबंधित बैठक में मौजूद अधिकारी। स्रोत: डीपीआरओ
उपायुक्त ने एनएचएआई और निर्माण कंपनी को दिए निर्देश,बरसाती पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिमला-मटौर फोरलेन निर्माण के चलते प्रभावित हो रहे लोगों की समस्याओं को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। उपायुक्त राहुल कुमार ने फोरलेन परियोजना से जुड़े अधिकारियों और निर्माण कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य के कारण ग्रामीणों के आने-जाने के रास्ते बाधित नहीं होने चाहिए। जहां निर्माण के कारण रास्ता बंद होने या आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनती है, वहां लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इनके कारण स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त की अध्यक्षता में वीरवार को शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना से संबंधित विभिन्न मुद्दों और स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर बैठक हुई। बैठक में परियोजना के निर्माण कार्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फोरलेन निर्माण के दौरान प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही में किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। निर्माण स्थल पर ऐसी स्थिति न बने कि लोगों को अपने घरों, खेतों या अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़े। उन्होंने संबंधित कंपनी के अधिकारियों को निर्माण कार्य की योजना इस तरह बनाने के निर्देश दिए कि लोगों के मौजूदा रास्तों का इस्तेमाल संभव हो सके। यदि किसी स्थान पर रास्ता बंद करना जरूरी हो तो वहां वैकल्पिक रास्ते की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। बरसात के दौरान जल निकासी की समस्या को लेकर भी उपायुक्त ने अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फोरलेन निर्माण के दौरान प्राकृतिक जल निकासी के रास्ते किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने चाहिए। निर्माण सामग्री, मिट्टी या अन्य मलबे के कारण नालियां और पानी की निकासी के रास्ते बंद होने से जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के साथ नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की उचित व्यवस्था की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बरसात का पानी लोगों के घरों, दुकानों और कृषि भूमि की ओर न जाए। जहां जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हुई है, वहां आवश्यक सुधार कार्य करवाए जाएं। बैठक में एम्स के समीप पार्किंग व्यवस्था और वर्षाशालिका के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने एनएचएआई और संबंधित निर्माण कंपनी के अधिकारियों को इन कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एम्स के आसपास बड़ी संख्या में मरीजों और उनके तीमारदारों का आवागमन रहता है। ऐसे में पार्किंग और यात्रियों की सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि फोरलेन जैसी महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए, लेकिन इसके साथ स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा, आवागमन, जल निकासी और आम लोगों की सुविधा से जुड़े सभी पहलुओं पर अधिकारी नियमित निगरानी रखें। बैठक में एसडीएम सदर राजकुमार, प्रोजेक्ट निदेशक हमीरपुर राकेश यादव, गाबर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कविराज सहित संबंधित कंपनी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।