बीबीएमबी के अधिकारियों और कर्मचारियों से टोल वसूली पर आपत्ति
प्रबंधन का कहना, वह करते हैं सड़क का निर्माण, रखरखाव व मरम्मत
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। भाखड़ा बांध की ओर जाने वाले मार्ग पर लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर विवाद गहरा गया है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने बिलासपुर प्रशासन की ओर से लगाए गए टोल बैरियर पर कड़ा एतराज जताया है। बोर्ड ने जिला उपायुक्त बिलासपुर को पत्र लिखकर इस मार्ग पर बीबीएमबी के अधिकारियों और कर्मचारियों से टोल वसूली बंद करने की मांग उठाई है।
बीबीएमबी का कहना है कि जिस सड़क पर टोल वसूला जा रहा है, वह बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आती है। इस सड़क का निर्माण, रखरखाव और मरम्मत का पूरा खर्च बीबीएमबी ही वहन करता है। बीबीएमबी अधिकारियों का यह भी कहना है कि बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी रोजाना इसी मार्ग से होकर ड्यूटी पर आते-जाते हैं। जब सड़क की देखरेख और मरम्मत का पूरा काम बोर्ड करता है, तो कर्मचारियों से टोल वसूलना उचित नहीं है। भाखड़ा बांध अति संवेदनशील क्षेत्र है। टोल बैरियर की वजह से यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में आवाजाही प्रभावित हो सकती है। साथ ही बोर्ड के प्रोजेक्ट से जुड़े वाहनों को भी अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता है। पंजाब और हिमाचल की सीमा पर स्थित इस क्षेत्र में रोजाना हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। श्री नयना देवी मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालु अक्सर भाखड़ा बांध देखने जाते हैं। ऐसे में अलग-अलग जगह टोल लगने से पर्यटकों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है, जिससे पर्यटन पर भी असर पड़ सकता है।
बीबीएमबी का कहना है कि उन्हें टोल बैरियर से कोई समस्या नहीं है, लेकिन उनके लोगों से टोल लेना उचित नहीं है। हर दिन कर्मचारी और अधिकारी भाखड़ा से नंगल के लिए इस सड़क से सफर करते हैं। उधर, बीबीएमबी के भाखड़ा मंडल के कार्यकारी अभियंता पारस नैय्यर ने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पत्र का कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।