स्कूलों के सोशल ऑडिट की जिला स्तरीय हुई जनसुनवाई
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही, सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करने पर बल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। समग्र शिक्षा के तहत जिले के 20 प्रतिशत स्कूलों के सोशल ऑडिट की जिला स्तरीय जनसुनवाई भाषा एवं संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम बिलासपुर में हुई।
इसकी अध्यक्षता उपनिदेशक उच्च शिक्षा गुणवत्ता निशा गुप्ता ने की। जनसुनवाई का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ बनाना रहा। जनसुनवाई में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और हितधारकों ने भाग लिया।
इस दौरान समग्र शिक्षा योजना के क्रियान्वयन, स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही प्रतिभागियों से सुझाव और शिकायतें प्राप्त की गईं। सामाजिक अंकेक्षण शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में पहल है। उन्होंने प्रतिभागियों से शिक्षा से संबंधित समस्याओं, सुझावों और शिकायतों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें उचित स्तर पर विचारार्थ भेजा जा सके।
रिसोर्स पर्सन एवं प्रधानाचार्य-अन्वेषक डॉ. रणधीर रंटा ने सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया और निष्कर्षों की जानकारी दी। उपनिदेशक ने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण के तहत जिले के लगभग 20 प्रतिशत स्कूलों का निरीक्षण किया गया है और निरीक्षण के आधार पर तैयार रिपोर्ट जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत की गई।
उन्होंने स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर प्रतिभागियों के साथ संवाद किया और उनके प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सुझावों, शिकायतों और अभिमतों का संकलन कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा, जिसे आवश्यक कार्रवाई और नीति निर्माण के लिए सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण का उद्देश्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर मीडिया कोऑर्डिनेटर नागेंद्र, ऑब्जर्वर राकेश कुमार, वित्त अधिकारी देवांश सलोत्रा, उप-प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक सोमदत्त, दिग्विजय मल्होत्रा, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा समन्वयक अतुल शर्मा, रीता कुमारी आदि उपस्थित रहे।