बंदला पंचायत में क्षतिग्रस्त हुआ मकान। संवाद
चार मकान ढहे, 9 घर और 14 गोशालाएं हुई क्षतिग्रस्त
पुराना चंडीगढ़-मनाली मार्ग आठ दिन से बंद, लोग परेशान
भाखड़ा बांध का स्तर अभी खतरे के निशान से चार फीट नीचे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले से आफत बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार रात और वीरवार सुबह भी जिले भर में जमकर बारिश हुई। इस दौरान भूस्खलन से वीरवार सुबह कुल 14 सड़कें बंद थीं, जिनकी संख्या शाम तक बढ़कर 15 हो गई।
पुराना चंडीगढ़-मनाली हाईवे पिछले आठ दिन से बंद है। इस मार्ग पर बनेर के पास भारी भूस्खलन हुआ है, जिसे हटाने में समय लग रहा है। इस मार्ग के बंद होने से आसपास बसे गांव के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्हें मुख्यालय या स्वारघाट जाने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। तलाई-थापना वाया मरोतन सड़क भी करीब एक सप्ताह से बंद है। इस सड़क को उपायुक्त ने सोमवार तक बहाल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी मार्ग को नहीं खोला जा सका है। यह सड़क मरोतन और कंडोला में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। इस सड़क के बंद होने से कोटधार क्षेत्र की 14 पंचायतों के लोगों को मुख्यालय आने के लिए वाया झंडूता लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी को जाड़ने वाले चार मार्ग ग्वालथाई-भाखड़ा, श्री नयनादेवी जी-श्री आनंदपुर साहिब, कैचीमोड़-श्री नयनादेवी जी और श्री नयनादेवी जी एग्जिट मार्ग भी बंद हैं। बारिश से निजी संपत्ति को भी लगातार नुकसान हो रहा है। बीते 24 घंटे में एक पक्का मकान और तीन कच्चे मकान पूरी से ढह गए। पांच पक्के मकान, चार कच्चे मकान और दो रसोई घरों को भी नुकसान हुआ है। 14 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। भारी बारिश से कुटैहला स्कूल का रसोईघर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। सुरक्षा दीवार के लगातार धंसने से स्कूल के मुख्य भवन को भी खतरा बना हुआ है। ग्राम पंचायत बंदला के वार्ड नंबर-3 के सुभाष चंद पुत्र स्व. अनंत राम का रिहायशी मकान भी पुरी तरह से ढह गया। भाखड़ा बांध का जलस्तर 1676.9 फीट है, जो खतरे के निशान से सिर्फ चार फीट नीचे है। इसके अलावा कोलडैम का जलस्तर 2094.9 फीट पर बना हुआ है। कोलडैम से हर रोज पानी छोड़ा जा रहा है।