रिपोर्ट के आधार पर सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी
बकरोआ पंचायत में मनरेगा के पैसे के दुरुपयोग का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा योजना में हुई कथित धांधली के मामले को गंभीरता से लिया है। निदेशक एवं आयुक्त, मनरेगा, हिमाचल प्रदेश ने अतिरिक्त उपायुक्त, बिलासपुर से एक सप्ताह के भीतर शिकायतकर्ता की शिकायत में दर्ज सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट भेजने का आग्रह किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत बकरोआ के कुछ जनप्रतिनिधियों और एक लाभार्थी ने मनरेगा योजना का गलत उपयोग किया। शिकायत के अनुसार 14 अगस्त 2023 को भारी भूस्खलन हुआ था, जिसके बारे में पटवारी हल्का बकरोआ ने 19 अगस्त को रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में यह कहा गया था कि लाभार्थी के मकान के पीछे भूस्खलन हुआ है, लेकिन यह जानकारी रोजनामचा में दर्ज नहीं की गई, और इसकी पुष्टि आरटीआई के माध्यम से हुई। लाभार्थी ने इस रिपोर्ट को आधार बनाकर ग्राम पंचायत बकरोआ में शपथ पत्र के साथ आवेदन दिया, जिससे उसे एक लाख रुपये की स्वीकृति मिली। बावजूद इसके, पंचायत द्वारा मौके का जियो टैग किए जाने के बाद भी, बाहरी श्रमिकों से काम कराया गया, जो नियमों के खिलाफ था। शिकायतकर्ता ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई।
शिकायत में यह भी कहा गया कि कोर्ट द्वारा स्टे आदेश दिए जाने के बावजूद काम जारी रखा गया और लाभार्थी ने झूठा शपथ पत्र दायर कर सरकारी खजाने से पैसे स्वीकृत करवाए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत ने जानबूझकर नियमों की अनदेखी की और लाभार्थी को मौके से साक्ष्य मिटाने का अवसर दिया। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि लाभार्थी ने मनरेगा योजना का गलत तरीके से फायदा उठाया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ और मजदूरों को मिलने वाले लाभ को प्रभावित किया।
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सरकारी कार्रवाई और रिपोर्ट का आग्रह
इस मामले में निदेशक मनरेगा ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर से आग्रह किया है कि वे एक सप्ताह के भीतर शिकायत कर्ता की शिकायत में दर्ज सभी बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट भेजें, ताकि सरकार इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर सके। इसके अलावा, विकास खंड अधिकारी घुमारवीं को भी निर्देशित किया गया है कि वे इस मामले की जांच करें और रिपोर्ट को शीघ्र शिकायतकर्ता को सूचनार्थ भेजें।