एशियन डेवलपमेंट बैंक से फंडिंग, फिर भी पेयजल संकट से जूझ रही जनता
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से चलाई जा रही करोड़ों की योजनाएं अब तक अधर में हैं। करीब ढाई साल पहले शुरू हुई ये योजनाएं अब तक महज 5 से 10 प्रतिशत ही पूरी हो पाई हैं। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में एडीबी द्वारा छह पेयजल योजनाओं के लिए फंडिंग की गई थी। इन सभी योजनाओं के कार्य वर्ष 2022-23 में एक ही ठेकेदार को सौंपे गए थे। इनकी प्रशासनिक मंजूरी वर्ष 2020-21 में तथा डीपीआर वर्ष 2019-20 में तैयार की गई थी। लेकिन इतने लंबे समय के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य रफ्तार नहीं पकड़ सका।
भाजपा किसान मोर्चा घुमारवीं के अध्यक्ष देश राज शर्मा ने बताया कि इन योजनाओं में लिफ्ट वाटर स्कीम सारवीं खास-2 और कंजीन-बेल्ला, खुई-मेथी प्रथम व द्वितीय, ल्युंगड़ी, बजौरा-टिहरा, दियारा-लंझता तथा कोठी-पनियाला-औहर की पेयजल योजनाएं शामिल हैं। करीब 55 करोड़ रुपये की लागत से इन योजनाओं को तैयार किया गया था। लेकिन आज भी यह योजनाएं अधूरी हैं। उन्होंने स्थानीय मंत्री राजेश धर्माणी पर कार्यों को समय पर पूरा न करवा पाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि कार्य शीघ्र पूरा न हुआ तो ग्रामीण सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। एडीबी प्रोजेक्ट के अधिशासी अभियंता हरभजन सिंह ने बताया कि अभी तीन योजनाओं की संशोधित डीपीआर तैयार की जा रही है, जिनकी डिजाइन आना बाकी है।
वहीं बाकी तीन योजनाओं में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि योजनाओं की घोषणा के बाद उन्हें उम्मीद थी कि पेयजल संकट से राहत मिलेगी। लेकिन दो साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी हालात जस के तस हैं।