जर्जर भवन के ऊपर लगा दिए गए हैं तंबू
एसडीएम ने भवन को खाली कराने और गिराने के दिए हैं आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं मेला ग्राउंड के समीप सीर खड्ड किनारे स्थित जल शक्ति विभाग के पुराने और जर्जर सरकारी पंप हाउस में अवैध रिहायश को लेकर जारी किए गए प्रशासनिक आदेशों का अब तक पालन नहीं हो पाया है। अमर उजाला में 1 जनवरी को प्रकाशित खबर सीर खड्ड किनारे सरकारी पंप हाउस में अवैध रूप से चल रहा सूअर फार्म के बाद उपमंडलीय अधिकारी घुमारवीं गौरव चौधरी ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जल शक्ति विभाग को भवन तुरंत खाली करवाने, अत्यंत जर्जर स्थिति को देखते हुए भवन को गिराने के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे।
हालांकि आदेश जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति और अधिक चिंताजनक होती जा रही है। पहले जहां कुछ लोग इस जर्जर भवन के भीतर रह रहे थे, वहीं अब भवन के स्लैब के ऊपर तंबू लगाकर और लोगों ने रहना शुरू कर दिया है। इससे भवन पर अतिरिक्त भार बढ़ गया है और इसके कभी भी ढहने की आशंका और ज्यादा बढ़ गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस भवन के अंदर तथा इसके ऊपर लगाए गए नए तंबू में बड़ी संख्या में महिलाएं और छोटे बच्चे दिन-रात रह रहे हैं, जो हर समय खतरे की जद में हैं। भवन की दीवारों में पहले से ही बड़ी दरारें हैं और इसकी हालत इतनी खराब है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। यदि समय रहते इन लोगों को नहीं हटाया गया तो किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। सब कुछ जानते हुए भी जल शक्ति विभाग की ओर से अब तक उपमंडलीय अधिकारी द्वारा जारी आदेशों का पालन नहीं किया गया है। न तो अवैध कब्जा पूरी तरह हटाया गया है और न ही भवन को गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ऐसे में प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना के साथ-साथ यहां रह रहे प्रवासी लोगों की जान पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर आदेशों को सख्ती से लागू करवाए, जर्जर भवन को खाली कर सुरक्षित तरीके से गिराया जाए और सीर खड्ड के पानी को दूषित होने से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके।
कोट
सूअर फार्म को वहां से हटा दिया गया है और जो लोग वहां रह रहे हैं उन्हें भी वहां से जाने के लिए कहा गया है और अगर अभी तक लोगों नहीं गए हैं तो जल्द ही कर्मचारी भेज कर उन्हें वहां से हटाया जाएगा और भवन को गिराने की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू की जाएगी।
यशपाल शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग घुमारवीं