पीटीए आधार पर भाषा अध्यापक के पद पर नियुक्त हुई थी महिला
अवैध दस्तावेज की शिकायत के बाद कोर्ट में गया था मामला
विभाग की इस लेटलतीफी के कारण नहीं मिला नियमित पद का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत उपतहसील भराड़ी की पंचायत लेठवीं के निवासी ठाकुर दास ने शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि विभाग उनकी बेटी के हक को दबा रहा है और न्यायालय के आदेश के बावजूद उसे नियमित करने व वित्तीय लाभ देने में अनावश्यक देरी की जा रही है।
ठाकुर दास ने बताया कि उनकी बेटी रीता देवी वर्ष 2007 में पीटीए आधार पर भाषा अध्यापक के पद पर नियुक्त हुई थी और लगातार कार्य कर रही है। वर्ष 2015 में किसी व्यक्ति ने झूठी शिकायत सीआईडी को भेज दी कि रीता देवी के शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी हैं। इस शिकायत के आधार पर पुलिस में मामला दर्ज हुआ और न्यायालय में मामला वर्षों तक चलता रहा। कहा कि 2024 में न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया कि रीता देवी के दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं। न्यायालय के फैसले के बाद भी शिक्षा विभाग ने संज्ञान नहीं लिया और उसे वर्ष 2018 से नियमित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। विभाग की इस लेटलतीफी के कारण न केवल उनकी बेटी को नियमित पद का लाभ मिला, बल्कि वर्ष 2018 से मिलने वाले वित्तीय लाभ भी रोके गए हैं। उन्होंने बताया कि वह कई बार विभागीय अधिकारियों को सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करवा चुके हैं और कई बार मौखिक एवं लिखित आग्रह भी कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। चेतावनी दी कि यदि शिक्षा विभाग ने शीघ्र निर्णय लेकर उनकी बेटी रीता देवी, जो भेड़ी स्कूल में कार्यरत है, को नियमित नहीं किया और उसके वित्तीय लाभ जारी नहीं किए, तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे। शिक्षा उपनिदेशक (एलिमेंट्री) नरेश चंदेल ने कहा कि बुधवार को कार्यालय अवकाश होने के कारण मामले की जानकारी नहीं ली जा सकी है। गुरुवार को प्रकरण से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।