बिलासपुर में विरोध प्रदर्शन करते विद्युत बोर्ड के कर्मचारी । संवाद
- आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की भी उठाई मांग
- बोर्ड प्रबंधन, सरकार के खिलाफ डिवीजन कार्यालय में की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ओपीएस की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग और विद्युत बोर्ड में युक्तिकरण के विरोध में शुक्रवार को बिलासपुर में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया गया।
इं. गौरव शर्मा और राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष यशवंत चौहान बिट्टू की अगुवाई में ज्वाइंट फ्रंट कमेटी के बैनर तले किए गए प्रदर्शन के दौरान बोर्ड प्रबंधन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। संगठन ने निर्णय लिया है कि 11 फरवरी को हमीरपुर में प्रस्तावित विद्युत महापंचायत में बिलासपुर से कर्मचारी बढ़ चढ़कर भाग लेंगे। जिला मुख्यालय स्थित डिवीजन कार्यालय के प्रांगण में विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की पहले से ही कमी है। लंबे अरसे से खाली पड़े पद भरने के बजाए युक्तिकरण का सहारा लेकर पद खत्म किए जा रहे हैं। युक्तिकरण का विरोध करते हुए लंबे अरसे से खाली पड़े पद भरने, ओपीएस बहाल करने और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की गई।
बिट्टू ने कहा कि विभिन्न मांगों और मुद्दों को लेकर 11 फरवरी को हमीरपुर में बिजली महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने विद्युत बोर्ड के सभी पेंशनरों के साथ ही जनप्रतिनिधियों और उपभोक्ताओं से इसमें उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि महापंचायत के दौरान बड़े आंदोलन का ऐलान भी किया जा सकता है। विरोध प्रदर्शन में इं. मनोज पुरी, राजकुमार, दिनेश कौंडल, सुखदेव बंसल, विनोद गुप्ता, जोगिंदर सिंह डोगरा, चंदन शर्मा सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।