सदस्यों ने कहा, टैक्स जनता पर अतिरिक्त बोझ, निर्णय वापस ले सरकार
दो मिनट का मौन रखकर विमल नेगी को दी श्रद्धांजलि
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की घुमारवीं इकाई की बैठक मंगलवार को हुई। पेंशनरों ने घरेलू और व्यावसायिक बिजली बिलों में हाल ही में जोड़े गए दूध और पर्यावरण टैक्स का कड़ा विरोध किया। सदस्यों ने कहा कि यह आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता इकाई प्रधान इंजीनियर रामलाल शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में चीफ इंजीनियर अरविंद शर्मा उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में दिवंगत चीफ इंजीनियर विमल नेगी को श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट का मौन रखा गया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। संगठन ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तुत 2025-26 के अनुमानित बजट पर भी चर्चा हुई। सरकार ने 15 मार्च 2025 से तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है, लेकिन जुलाई 2024 से देय दो किस्तों का कोई उल्लेख नहीं किया गया, जिससे पेंशनरों में रोष है। संगठन ने सरकार से लंबित किस्तों को शीघ्र जारी करने की मांग की। इकाई प्रधान इंजीनियर रामलाल शर्मा ने बिजली बोर्ड में रिक्त पदों को जल्द भरने और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पेंशनरों के वेतनमान एरियर के भुगतान में आयु वर्ग के आधार पर विभाजन करने का सरकार का फैसला निंदनीय है। बैठक में वरिष्ठ उपप्रधान गंगा प्रसाद शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुखराम, महासचिव केएल शर्मा, उप प्रधान रूपलाल शर्मा, दिलाराम, आरपी शर्मा, जेके महाजन सहित अन्य पदाधिकारियों ने पेंशनरों की लंबित मांगों पर चर्चा की। धर्मशाला में 9 मार्च को हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। इस दौरान चीफ इंजीनियर एस चंदेल ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी और सरकार तथा बिजली बोर्ड द्वारा पेंशनरों के प्रति दिखाए जा रहे उदासीन रवैये पर चिंता व्यक्त की।