लोक निर्माण विभाग ने उच्च अधिकारियों को सौंपी क्षतिग्रस्त भवन की तकनीकी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक पाठशाला काथला के जर्जर भवन में 55 विद्यार्थियों की पढ़ाई का मामला उठने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य विद्यासागर और उनके सहयोगियों की ओर से लगातार आवाज उठाने के बाद यह कार्रवाई हुई।
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा अरुण गौतम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विद्यालय का निरीक्षण किया। विद्यालय की पुरानी इमारत वर्षों से बेहद जर्जर और खस्ताहाल स्थिति में है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। भवन कभी भी गिर सकता है, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। इसको खतरे को देखते हुए पिछले कुछ वर्षों से बच्चों को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काथला के परिसर से सटे दो कमरों में पढ़ाया जा रहा था। हालांकि, उन कमरों की दीवारों में भी दरारें थीं, जिससे अभिभावकों में चिंता बनी हुई थी। शिक्षा विभाग ने संज्ञान लेते हुए दरार वाले कमरों से बच्चों को हटाकर सुरक्षित कमरों में स्थानांतरित किया। अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध कराकर तत्काल राहत देने का प्रयास किया गया।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग स्वारघाट के एसडीओ दिनेश गुप्ता और विभागीय कनिष्ठ अभियंता ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को क्षतिग्रस्त भवन की तकनीकी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में भवन की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा पहलुओं का विस्तृत उल्लेख है। अधिकारियों ने रिपोर्ट का अवलोकन कर आवश्यक विभागीय कार्रवाई शुरू करने की बात कही। निरीक्षण के बाद अभिभावकों, एसएमसी और स्थानीय लोगों ने नए विद्यालय भवन के निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की। निरीक्षण के दौरान काथला की प्रधानाचार्य संजू संख्यान, प्रारंभिक खंड शिक्षा अधिकारी देवेंद्र चौहान, संजीव बंसल, नरेश ठाकुर, प्राथमिक पाठशाला काथला की मुख्याध्यापिका विपुला चंदेल, केंद्रीय मुख्य शिक्षक स्वारघाट सालिग राम ठाकुर आदि उपस्थित रहे।