यूनियन ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं देने पर दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
बोले-परियोजना में दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी
श्रमिकों के हेल्थ एंड सेफ्टी उपकरणों का सही ढंग से नहीं कराया जा रहा उपयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में निर्माणाधीन भानुपल्ली-बिलासपुर रेल प्रोजेक्ट में श्रम मानकों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। श्रमिकों के हेल्थ एंड सेफ्टी उपकरणों का सही ढंग से उपयोग नहीं कराया जा रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।
इंटक के प्रदेश सचिव प्रेम लाल भाटिया ने बताया कि इस रेलवे प्रोजेक्ट में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों का श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा श्रम विभाग के पास भी इन मजदूरों का पूरा डाटा नहीं है। उन्होंने कहा कि कंपनी मजदूरों के साथ खिलवाड़ कर रही है और उनके अधिकारों का हनन कर रही है। कहा कि 24 मार्च की रात को मजदूर की रेलवे प्रोजेक्ट में काम के दौरान दुर्घटना में मौत हो गई। यदि कंपनी की ओर से श्रम मानकों का पालन किया जाता, तो इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकती थीं। ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कांट्रेक्चुअल वर्कर्स यूनियन के महासचिव जगतार सिंह बैंस और जिला इंटक अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर ने कहा कि संगठन जिस कार्य स्थल पर सक्रिय है, वहां मजदूरों का पंजीकरण कराया गया है और हेल्थ एंड सेफ्टी को लेकर जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। जहां संगठन को काम नहीं करने दिया जाता, वहां ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं। कहा कि यदि कंपनी कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम 1923 के तहत मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं देती, तो इंटक संगठन कानूनी कार्रवाई करेगा। उन्होंने श्रम विभाग से भी मांग की कि रेलवे प्रोजेक्ट में कार्यरत सभी मजदूरों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और कंपनी को श्रम मानकों का सख्ती से पालन करने के लिए बाध्य किया जाए।