सभा का कहना, कार्रवाई न होने से बढ़ रहे गड़बड़ी करने वालों के हौसले
उचित कार्रवाई नहीं हुई तो उठाएंगे आंदोलनात्मक कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा सीमित तलाई से जुड़े घोटाला मामले को लेकर संघर्ष समिति की एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के प्रधान भजन लाल शर्मा ने की। बैठक में मामले की स्वतंत्र जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई। साथ ही बैठक में सहकारिता विभाग के कुछ अधिकारियों को भी सभा में हुए घोटाले के लिए दोषी ठहराते हुए सरकार से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि करीब 35 करोड़ का घोटाला सहकारिता विभाग व दी तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा सीमित तलाई की कार्यकारिणी पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है। इस संदर्भ में पहले भी संयुक्त रजिस्ट्रार (क्रेडिट) सहकारी समितियां शिमला को अभ्यावेदन संख्या 16/2025 दिनांक 14 जनवरी 2025 को दिया गया था। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्री राजेश धर्माणी सहित कई विधायकों के समक्ष भी संघर्ष समिति द्वारा यह मुद्दा उठाया गया था। लेकिन ऐसे सभी प्रयासों के बावजूद अभी तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई तो क्या कोई भी कार्रवाई ही नहीं हुई है। समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मामले में जांच न होने से गड़बड़ी करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं और इससे प्रभावित लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। संघर्ष समिति ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करवाई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो प्रभावित लोग मजबूर होकर आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस संबंध में सहायक रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) को भी सूचना भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। बैठक में जसवंत सिंह बनियाल, शक्ति चंद शर्मा, सरवन सिंह ठाकुर, प्रीतम सिंह पटियाल, हरी दत्त कौशल, रमेश चंद शर्मा, रत्न चंद, सुनील शर्मा सहित संघर्ष समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।