फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विस्थापितों को मिले एसीसी सीमेंट ढुलाई का काम

विज्ञापन
विज्ञापन
बिलासपुर। एसीसी बरमाणा सीमेंट उद्योग में माल ढुलाई के काम की हिस्सेदारी के लिए स्थानीय विस्थापितों ने आवाज बुलंद कर दी है। पंचायत प्रधान बरमाणा ने इस संबंध में एसीसी प्रबंधन और उपायुक्त को मांगपत्र भेजा है।
विज्ञापन

एसीसी उद्योग में बीडीटीएस और एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन सोसायटी 37 साल से माल ढुलाई का कार्य कर रही है। स्थानीय विस्थापितों को न के बराबर काम मिल रहा है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों और विस्थापितों में रोष है।
ग्राम पंचायत प्रधान पूजा देवी ने बताया कि बरमाणा में एसीसी फैक्टरी को शुरू हुए लगभग 37 साल हो चुके हैं। प्रत्यक्ष रोजगार के सीमित अवसर होने के कारण चंद विस्थापित लोगों को ही रोजगार मिल पाया है। सीमेंट और क्लींकर की ढुलाई के कार्य में विस्थापितों की अनदेखी करते हुए पहले 5 परिवहन सहकारी समितियों को कार्य आवंटित किया गया। इन समितियों में विस्थापितों की कोई भी सहकारी समिति नहीं थी। कुछ ही सालो में दो समितियों बीडीटीएस और एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन ने सीमेंट ढुलाई के पूरे कार्य पर कब्जा जमा लिया।
विज्ञापन

प्रधान ने कहा कि वर्ष 2019 में विस्थापितों ने द गागल प्राइम लैंड लूजर मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड बरमाणा का गठन किया। फरवरी माह में आयोजित बैठक में प्रस्ताव पारित कर प्रशासन और एसीसी प्रबंधन से इस सोसायटी को काम देने की मांग की गई। कहा कि मार्च में आगामी पांच साल के लिए एसीसी का माल ढुलाई का टेंडर रिन्यू होने वाला है। पिछले दो साल से चले आ रहे संघर्ष का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। प्रधान ने कहा कि एसीसी अंबुजा और अल्ट्राटेक की तर्ज पर विस्थापित सोसायटी को काम दे वरना विस्थापित अपने हक की लड़ाई के लिए तैयार है।
उपायुक्त बिलासपुर रोहित जम्वाल ने कहा कि बरमाणा पंचायत प्रधान का मांगपत्र मिला है। जरूरी आंकड़े इकट्ठा किए जा रहे हैं। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें