संघर्ष समिति जुखाला ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, सात पंचायतों की जीवन रेखा है यह सड़क
सड़क न होने से लोगों को 25 से 30 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। संघर्ष समिति जुखाला के सदस्यों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गसौड़ से भोली सड़क निर्माण में देरी पर उपायुक्त राहुल कुमार को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने इस सड़क को सात पंचायतों की जीवनरेखा बताया है। उन्होंने एक सप्ताह में कार्य शुरू न होने पर विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन के अनुसार, सड़क से संबंधित सभी दस्तावेज जैसे भूमि दान पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र, वर्ष 2021-22 में पूरे किए जा चुके हैं। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी 2021 में तैयार हो गई थी। सड़क न होने से लोगों को 25 से 30 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। इससे धन और समय की बर्बादी होती है। कच्ची सड़क के कारण बीमार व्यक्तियों को गंभीर असुविधा होती है और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित होती है। यह समस्या आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बाधित करती है, क्योंकि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे असमय मृत्यु हो रही है। गसौड़ से भोली सड़क के बीच अली खड्ड पार करना छात्रों और स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा है। पिछले पांच साल में खड्ड के तेज बहाव में पांच लोगों की असमय मृत्यु हुई है और स्कूली बच्चों के साथ भी दुर्घटनाएं हुई हैं। संघर्ष समिति जुखाला ने जिलाधिकारी से जनहित को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं की जांच कराने का निवेदन किया है। उन्होंने बताया कि सड़क के लिए धन का प्रावधान होने के बावजूद कार्य रुका हुआ है। ग्रामीणों ने जल्द-से-जल्द सड़क निर्माण या मरम्मत का कार्य शुरू करने की मांग की है। यह सड़क हजारों लोगों के विकास से जुड़ी है। सड़क न होने से राजकीय डिग्री कॉलेज जुखाला, जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी) जेबीटी और जुखाला स्कूल के छात्र प्रभावित हो रहे हैं। प्राइमरी और मिडिल स्कूल के छात्रों को भी जोखिम उठाना पड़ता है। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की कमी से गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।