अदालत में पेश होने के बाद पुलिस ने मांगी कस्टोडियल पूछताछ की अनुमति, 19 अगस्त को होगी अगली पेशी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में घोषित अपराधी को अदालत ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी सोमवार को अपने अधिवक्ता के साथ अदालत में पेश हुआ। चूंकि उसे इस मामले में पहले ही उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था, इसलिए अदालत ने उसे हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस की ओर से आरोपी से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग करते हुए आवेदन दायर किया गया।
विशेष न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी व्यक्तिगत रूप से अपने अधिवक्ता के साथ मौजूद था, जबकि राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक ने पक्ष रखा। राज्य की ओर से अदालत में जवाब भी दाखिल किया गया, जिसे रिकॉर्ड पर लिया गया। अदालत के आदेश के अनुसार, आरोपी को पहले न्यायिक हिरासत में भेजते हुए 29 अगस्त तक जेल भेजने के आदेश दिए गए थे। इसी दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी की हिरासत न्यायिक हिरासत से पुलिस हिरासत में स्थानांतरित करने और तीन दिन के पुलिस रिमांड की मांग की। पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के लिए आरोपी से कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक है। आरोपी को इस मामले में पहले ही उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा केस फाइल का अवलोकन करने के बाद पुलिस की मांग को स्वीकार कर लिया। अदालत ने माना कि मामले की जांच के लिए आवश्यक पूछताछ को देखते हुए आरोपी की पुलिस हिरासत जरूरी है। इसके बाद आरोपी की हिरासत न्यायिक हिरासत से पुलिस हिरासत में स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए गए। आदेश के तहत आरोपी को 19 अगस्त 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। उसे 19 अगस्त को सुबह 10 बजे अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी की पुलिस हिरासत महिला पुलिस थाना बिलासपुर के एसआई विनोद कुमार को कानून के अनुसार सौंपी गई है। मामले में एफआईआर 7 सितंबर 2024 को महिला पुलिस थाना बिलासपुर में दर्ज की गई थी। इसमें नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और धमकी देने के आरोपों को लेकर जांच चल रही है। अदालत ने पुलिस रिमांड संबंधी आवेदन का निपटारा करते हुए उसे मुख्य केस फाइल के साथ रिकॉर्ड के लिए संलग्न करने के निर्देश भी दिए हैं।