समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करती उपायुक्त मानसी सहाय
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अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर की अध्यक्षता में हुई।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों से जुड़े विभिन्न प्रकार के मुआवजों से संबंधित मामलों को तत्परता से निपटाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत जिला में 27 मामले पंजीकृत हुुए हैं। इनमें से सात मामलों में पीड़ित व्यक्तियों को राहत राशि मुआवजे के रूप में प्रदान कर दी गई है जबकि 20 मामले अदालत में लंबित हैं।
जिला में अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के साथ अत्याचार से संबंधित आठ और विभिन्न प्रकार के मामले जिनमें जातिसूचक शब्द कहने, गाली-गलौज करने, गोल्डन चेन स्नैचिंग और मारपीट के मामले शामिल हैं।
पुलिस के पास जांच के लिए लंबित पड़े हैं। उन्होंने पुलिस और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल के साथ इन मामलों को शीघ्र निपटाएं। इस अवसर पर जिला न्यायवादी संदीप अत्री, जिला कल्याण अधिकारी डा. काली दास ठाकुर ,डीएसपी राजेश कुमार, आईडी राणा, डा. बाबू राम, संजीव धीमान, एचडी भाटिया, सुखराम, सुरजीत सिंह और लोभी राम डोड भी उपस्थित थे।