-किचन गार्डन में मूली, प्याज, लहसुन, केसर, पालक भी उगाया जा रहा
-ऑर्गेनिक तरीके से उगाई सब्जियों को मिड-डे-मील में किया जा रहा उपयोग
-अध्यापक,बच्चों, स्टाफ के सहयोग से चल रहा किचन गार्डन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार ने अपने किचन गार्डन से 125 किलोग्राम आलू की पैदावार की है। स्कूल के किचन गार्डन में आलू के अलावा मूली, प्याज, लहसुन, केसर, पालक, धनिया, मेथी को भी उगाया जा रहा है।
स्कूल में शिक्षा के साथ बच्चों की सेहत का ख्याल रखा जा रहा हैं। किचन गार्डन में ऑर्गेनिक तरीके से उगाई जा रही इन सब्जियों को मिड-डे-मील में उपयोग किया जा रहा है। ताजा, पौष्टिक और रासायनिक रहित सब्जियां बच्चों को पौष्टिकता प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। यह सब प्राथमिक शिक्षा विभाग के किचन गार्डन योजना की बदौलत ही संभव हो पाया है। यह योजना विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए बनाई थी, ताकि बच्चों को हरी सब्जियां खिलाई जाएं और उनको बागवानी का प्रशिक्षण भी मिलता रहे। डंगार स्कूल में पिछले साल किचन गार्डन बनाया गया। इसमें आलू सहित हरी सब्जियों को उगाया गया। इस किचन गार्डन में अध्यापक, बच्चे, स्टाफ समय निकालकर बुवाई, गुड़ाई करते हैं। आलू की फसल को हाल ही में निकाला गया। सब की मेहनत रंग लाई और आलू की 125 किलोग्राम पैदावार हुई। इन दिनों भी स्कूल का किचन गार्डन लहसुन, धनिया, प्याज, पालक, आदि से हरा भरा हुआ है। विद्यालय परिसर में उगाई गई सब्जियों की खेती में रासायनिक खाद का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके चलते सब्जी में पोषक पदार्थ प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। ग्रामीण जैविक खाद देकर सहयोग करते हैं।
कोट
स्कूल के किचन गार्डन से सवा क्विंटल आलू की पैदावार हुई है। इसके अलावा धनिया, केसर, पालक, मूली सहित अन्य हरी सब्जियां भी उगाई जा रही हैं। इन सब्जियों का उपयोग मिड डे मील बनाने में किया जाता है।
रेखा शर्मा, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार
बिलासपुर के डंगार स्कूल में आलू की पैदावार को दिखाती छात्रा व अन्य । संवाद