सात अप्रैल को पूर्णाहुति के बाद शुरू होगा भंडारा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। बड़गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास सुशील शर्मा ने भगवान विष्णु के पांचवें अवतार कपिल मुनि के प्राकट्य और उनके द्वारा प्रतिपादित सांख्य दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कपिल मुनि का जीवन हमें भक्ति के साथ-साथ मर्यादित गृहस्थ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
बताया कि कपिल मुनि को अग्नि का अवतार भी माना जाता है। सतयुग में कर्दम ऋषि की दस हजार वर्षों की कठोर तपस्या और माता देवहूति की भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं भगवान विष्णु ने उनके घर पुत्र रूप में जन्म लिया। कपिल मुनि ने अपनी नौ बहनों को भी ज्ञान मार्ग का उपदेश दिया। उनके द्वारा रचित सांख्य दर्शन और कपिल गीता आज भी सनातन धर्म के आधार स्तंभ हैं, जिनमें जीवन के रहस्यों को सुलझाने का ज्ञान समाहित है। कथा के दौरान सुशील शर्मा ने सामाजिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि पति-पत्नी का संबंध केवल एक सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि एक पवित्र बंधन है। एक आदर्श परिवार के निर्माण के लिए दांपत्य जीवन में एक-दूसरे के प्रति समर्पण, त्याग और अटूट विश्वास की भावना होना अत्यंत आवश्यक है। शिव मंदिर कमेटी के प्रधान सुनीत सिंह ने बताया कि कथा को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है। कथा का विधिवत समापन 7 अप्रैल को होगा। हवन-यज्ञ के बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान निर्मल गौतम, सुशील कुमार, हरकेश गौतम, मनसा राम गौतम, मस्तराम, रणवीर सिंह, वासुदेव ठाकुर आदि मौजूद रहे।