बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में जिला स्तरीय यशपाल जयंती समारोह आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला स्तरीय यशपाल जयंती समारोह का आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग के बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर के सम्मेलन कक्ष में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने की।
मंच का संचालन इंद्र सिंह चंदेल ने किया। साहित्यकार/कलाकार से मिलिए कार्यक्रम के प्रथम सत्र में साहित्यकार सुरेंद्र मिन्हास का जीवन वृतांत दिनेश कुमार ने पढ़ा। उनके इस साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने टोपी, मफलर एवं डायरी-पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। अमरनाथ धीमान ने मेरा हाथ पकड़कर चलना सिखाया, भीम सिंह ने लोकां जो धुलने रा प्यास बुरा, रामलाल पाठक ने पहाड़ के सच्चे हिमायती होते हैं पर रचना प्रस्तुत की। केशव शर्मा ने हूण किती रईया भला से पुराणा जमाना, सुमन चड्ढा ने हां हौसला रखती हूं, रविंद्र कुमार शर्मा लागड़ तोकड कने फंडर मैहसी रियां हुंदियां किस्मा तीन, जीतराम सुमन ने आओ दीप जलाएं पथ पे, आशाओं की नैया कोई तो पार लगाता होगा रचना प्रस्तुत की। डॉ. अनीता शर्मा ने देश के हित ये फर्ज निभाएं, सुशील पुंडीर ने जिंदगी अधूरी लगती है, बृज लाल लखनपाल ने म्हारा भी था इक जमाना, बाबू राम धीमान ने भारत माता के सात लाडले, कर्मवीर कंडेरा ने जहर बेच कर कमा रहे है पैसा, सुरेंद्र मिन्हास ने सारा परिवार ही लगा रहता खेतों पशुओं में ही उलझा रहता, तृप्ता ने पग रंग केसरी ते गले विच गानी बांह विच कडा ऐ है सिंह दी निशानी रचना प्रस्तुत की। प्रीति शर्मा ने तेरा मुझसे है क्या बंधन, कहां संसार जानेगा, दिनेश कुमार ने मेरी डफली मेरी मर्जी जो चाहे बजाऊं मैं, आंचल ने ऐसा तो नहीं था मेरा हिमाचल, कोमल शर्मा ने मैं नारी हूं, अंकिता कुमारी ने क्या है जिंदगी, प्रविंद्र शर्मा ने हास्य व्यंग्य प्रस्तुत किया। अरुण डोगरा ने किनारा रिश्तों की असलियत, डॉ. अनेक राम संख्यान ने तेरी याद दिल से, शमशेर सिंह चंदेल ने अट पटे जुमले व बाप बेटा शीर्षक से रचना प्रस्तुत की। जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने साहित्यकारों और कलाकारों को बिलासपुर किताब घर के बारे में जानकारी दी। कवि सम्मेलन में कौशल्या देवी, जावेद इकबाल, गोरखू राम शास्त्री, डॉ. जय महलवाल, रचना चंदेल, रत्न चंद निर्झर, शिवपाल गर्ग, मनीष, अंकित आदि उपस्थित रहे।