श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ नयना देवी जी में रविवार को दुकानें बंद होने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। रविवार को लगभग 8000 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। वहीं दुकानदार सरकार के बाजार बंद रखने के फैसले से नाखुश नजर आए। उन्होंने सरकार से धार्मिक स्थलों को लेकर अलग से रणनीति बनाने की मांग की है।
जिला प्रशासन ने हर रविवार को बाजार बंद रखने का फैसला लिया है। सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की छूट दी गई है। विश्वविख्यात शक्तिपीठ नयना देवी जी में श्रद्धालुओं के पहुंचने का कर्म जारी है। रविवार को लगभग 8000 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। दुकानदारों शीशपाल, हरीश शर्मा, गोल्डी, शम्मी का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर रविवार के दिन श्रद्धालुओं का तांता लगता है। रविवार के दिन अगर दुकानें बंद रहेंगी तो अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करेंगे। सप्ताह के अन्य दिन नाममात्र ही श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस फैसले पर फिर से पुनर्विचार करे। पंजाब, हरियाणा और अन्य प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें माता के दरबार में रविवार को दुकानें बंद होने के कारण न प्रसाद मिला और न अन्य वस्तुएं। इसके कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानदारों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक स्थलों को लेकर अलग से रणनीति बनाई जाए।