शाहतलाई (बिलासपुर)। कोरोना काल में बाबा दयोटसिद्ध मंदिर बंद होने से सरकारी राजस्व को बड़ी चपत लगी है। इस दौरान मंदिर न्यास के चढ़ावे में 2 करोड़ 4 लाख 66 हजार की कमी दर्ज हुई है।
बीते साढ़े पांच माह से धार्मिक तपोस्थली शाहतलाई में बाबा दयोट सिद्ध के मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। उल्लेखनीय है कि शाहतलाई में 14 मार्च से 14 अप्रैल तक चैत्र मेलों का आयोजन होता है। इसमें लाखों की संख्या में देश-विदेशों से श्रद्धालु बाबा के लिए आते हैं। इस बार मेले को पांच दिन भी नहीं हुए थे कि कोरोना के चलते 20 मार्च को मंदिरों के कपाट बंद करने पड़े। 22 मार्च से देश में पूर्ण लॉकडाउन लग गया। इससे मंदिरों में मात्र पूजा-अर्चना ही होती रही।
लॉक डाउन का सीधा प्रभाव मंदिरों के चढ़ावे पर पड़ा। मंदिरों के कपाट बंद होने से शाहतलाई बाजार के 300 दुकानदारों की रोजी-रोटी पर भी बन आई। अब साढ़े पांच माह बाद मंदिरों के कपाट खुलने से दुकानदारों के चेहरों पर रौनक तो लौट रही है लेकिन बढ़ते कोरोन के प्रभाव से वे चिंतित भी हैं। पूर्व मंदिर न्यासी देशराज, मनेंद्र सिंह चंदेल, दुकानदार जरनैल सिंह, किशोरी लाल, विपिन कुमार, राजकुमार, कमल कुमार, चमन लाल, नीलम कुमार ने कहा कि मंदिर के कपाट खुलने से कारोबारियों को रोजी-रोटी चलाने की उम्मीद जगी है। इसके बावजूद प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों से वे चिंतित हैं। उन्होंने लोगों से सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करने का आह्वान किया।
एसडीएम झंडूता और मंदिर न्यास शाहतलाई के अध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि बीते साल जनवरी 2019 से सितंबर 2019 तक बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास शाहतलाई को 2 करोड़ 42 लाख 72 हजार 517 रुपये चढ़ावे के रूप में आय हुई थी। जनवरी 2020 से सितंबर 2020 तक 38 लाख 6 हजार 194 रुपये चढ़ावे के रूप में मंदिर न्यास को आय हुई। जो बीते वर्ष से 2 करोड़ 4 लाख 66 हजार 323 कम है।