बिलासपुर। जिले के लोगों को 15 सितंबर से जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। जिला अस्पताल में सुविधा शुरू होने से लोगों को अब निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जिला अस्पताल में पिछले करीब साढ़े तीन साल से सीटी स्कैन मशीन बंद पड़ी है। इसका खामियाजा जिला की आबादी को चुकाना पड़ रहा था।
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा न मिलने से लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। इसके लिए इन्हें भारी भरकम रकम चुकानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में साढ़े तीन साल बाद सीटी स्कैन मशीन को पीपीपी मोड़ पर लगाने का कार्य पिछले दो माह से शुरू हो चुका है।
बताते चलें कि जिला अस्पताल में आपात स्थिति में लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। अगर चिकित्सक मरीज को सीटी स्कैन करवाने की सलाह देते हैं तो जिला अस्पताल में सुविधा न होने से मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। अब पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड़ पर लगने वाली मशीन से सीटी स्कैन करवाने के लिए 1500 से 2500 रुपये देने पड़ेंगे। जबकि निजी अस्पताल 5 से 7 हजार तक वसूल कर रहे हैं।
हिम केयर कार्ड पर इलाज करवाने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी। लंबे अरसे से जिले के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
एमएस बिलासपुर डॉक्टर नरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सितंबर 15 तक सीटी स्कैन मशीन को लगाने की डेडलाइन कंपनी को दी गई है। हर दिन उपायुक्त को सीटी स्कैन मशीन लगाने की प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपी जा रही है। अस्पताल प्रबंधन की कोशिश है कि 15 सितंबर से लोगों को जिला अस्पताल में ही सीटी स्कैन की सुविधा मिलनी शुरू हो जाए। उन्हें निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।