ग्रामीणों ने डीएफओ के खिलाफ जमकर की नारेबाजी उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया विरोध प्रदर्शन, सरकार से की कार्रवाई की मांग महिला से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर किया प्रदर्शन अमर उजाला ब्यूरो बिलासपुर। महिला से छेड़छाड़ के आरोपों से घिरे डीएफओ के खिलाफ वीरवार को ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। पूरे मामले को लेकर महिलाओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
महिलाओं ने डीएफओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर डीएफओ के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह चक्का जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। महिलाओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा। अपने शिकायत पत्र में गांव नौणी, धन्धड़, मंडी-भराड़ी और पड़गल-मलोहू के लोगों ने अपनी निजी धनराशि से मंडी-माणवां से खेती बाड़ी के लिए ट्रैक्टर ले जाने के लिए रास्ते का निर्माण कर रहे थे। इस कार्य के लिए गत महीने ही ग्रामीण डीएफओ से मिले थे। इस पर डीएफओ ने गांव के लोगों को मौखिक मंजूरी भी दी थी।
इस निर्माण से न ही किसी प्रकार से पेड़ों और वन संपदा को कोई नुकसान नहीं हो रहा था। मगर 11 दिसंबर को रात करीब 8.30 बजे वन मंडल अधिकारी अपने चालक और कर्मचारी के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान मौके पर गांव की बहुत सी औरतें भी थीं। इसी दौरान डीएफओ का चालक सुनीता देवी जो पूर्व में पंचायत सदस्य भी रही के पास आया और बोला साहब बुला रहे है। मगर जैसे ही वह डीएफओ साहब के पास पहुंची तो उन्होंने सुनीता का बाजू पकड़कर उसे गाड़ी में बैठने को कहा। इसका सुनीता ने विरोध किया। वहीं इस मामले को देखकर ग्रामीण भी भड़क गए।
इसके बाद मामले की शिकायत सुनीता देवी ने पुलिस थाना सदर में की है। मगर अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। अगर इस मामले में जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण, महिला मंडल और सदर कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। इस मौके पर करीब 100 से अधिक महिला और पुरुषों ने डीएफओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने डीएफओ के खिलाफ जमकर की नारेबाजी उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया विरोध प्रदर्शन, सरकार से की कार्रवाई की मांग महिला से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर किया प्रदर्शन अमर उजाला ब्यूरो बिलासपुर।
महिला से छेड़छाड़ के आरोपों से घिरे डीएफओ के खिलाफ वीरवार को ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। पूरे मामले को लेकर महिलाओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। महिलाओं ने डीएफओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर डीएफओ के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह चक्का जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
महिलाओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा। अपने शिकायत पत्र में गांव नौणी, धन्धड़, मंडी-भराड़ी और पड़गल-मलोहू के लोगों ने अपनी निजी धनराशि से मंडी-माणवां से खेती बाड़ी के लिए ट्रैक्टर ले जाने के लिए रास्ते का निर्माण कर रहे थे। इस कार्य के लिए गत महीने ही ग्रामीण डीएफओ से मिले थे। इस पर डीएफओ ने गांव के लोगों को मौखिक मंजूरी भी दी थी।
इस निर्माण से न ही किसी प्रकार से पेड़ों और वन संपदा को कोई नुकसान नहीं हो रहा था। मगर 11 दिसंबर को रात करीब 8.30 बजे वन मंडल अधिकारी अपने चालक और कर्मचारी के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान मौके पर गांव की बहुत सी औरतें भी थीं। इसी दौरान डीएफओ का चालक सुनीता देवी जो पूर्व में पंचायत सदस्य भी रही के पास आया और बोला साहब बुला रहे है।
मगर जैसे ही वह डीएफओ साहब के पास पहुंची तो उन्होंने सुनीता का बाजू पकड़कर उसे गाड़ी में बैठने को कहा। इसका सुनीता ने विरोध किया। वहीं इस मामले को देखकर ग्रामीण भी भड़क गए।
इसके बाद मामले की शिकायत सुनीता देवी ने पुलिस थाना सदर में की है। मगर अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। अगर इस मामले में जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण, महिला मंडल और सदर कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। इस मौके पर करीब 100 से अधिक महिला और पुरुषों ने डीएफओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।