बिलासपुर। मंगलवार को जिला के दो निजी बीएड कॉलेजों में एसआईटी ने दबिश दी। एसआईटी की दबिश से संस्थान प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद सूबे में चल रहे बीएड, इंजीनियरिंग कॉलेज और संस्थानों की जांच शुरू कर दी हैं। कार्रवाई के तहत एसआईटी कॉलेजों की मान्यता और पंजीकरण और डिग्रियों से संबंधित जांच करेगी।
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में भी एसआईटी की तरफ से इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। मंगलवार देर शाम विशेष जांच दल कॉलेजों में दस्तावेजों को खंगालने में जुटे हुए थे।
मंगलवार सुबह बिलासपुर जिला के दो नामी बीएड कॉलेजों में स्टेट इन्वेस्टिगेशन कमेटी की टीम औचक निरीक्षण के लिए पहुंची। अचानक पहुंची टीम के आने से कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।
कमेटी देर शाम तक टीम के सदस्य संस्थान का रिकार्ड खंगालते रहे। सूत्रों के मुताबिक मानकों को धता बताते हुए अधिकतर निजी बीएड और इंजीनियरिंग और अन्य शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं। संस्थानों में आधारभूत ढांचे के अभाव की बार-बार शिकायतें सामने आ रही है।
बहुत से संस्थानों में मानकों के अनुसार स्टाफ की भर्ती नहीं की जा रही है। शिक्षा विभाग ने ऐसे संस्थानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। टीम के सदस्यों ने आधारभूत ढांचे के निरीक्षण के साथ-साथ अन्य दस्तावेजों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद कमेटी का गठन किया गया है।
कमेटी के सदस्यों ने मंगलवार को बिलासपुर के संस्थानों में दबिश दी है। निरीक्षण के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। अगर पंजीकरण और डिग्री की मान्यता को लेकर बड़ी खामियां सामने आई तो कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के साथ ही कॉलेज का पंजीकरण भी रद्द हो सकता है।