पंचायत गेहड़वीं के गांव चंगर में बुधवार रात एक मकान, रसोई और गौशाला जलने से लाखों का सामान जलकर राख हो गया है। आग से ऊपर की मंजिल में रखे दो टेबल फैन, सिलिंग फैन, कुर्सियां, गद्दे, बेड, लकड़ी, बच्चों की किताबें, कपड़े, रसोई घर में रखे बर्तन, गौशाला में रखा और अन्य सामान जल गया। अग्निकांड में करीब तीन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर मासमले की छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गांव चंगर के कृष्णू राम सुपुत्र रामदीतू का मकान, रसोई और साथ लगती गौशाला जलकर राख हो गई है। पंचायत प्रधान प्यारे लाल ने बताया कि आग रात के समय लगी।
मगर सुबह तक इसका किसी को भी पता नहीं चल पाया। इस वजह से आग में सारा सामान जलकर राख हो गया। जब पड़ोसी डॉ. रामदास ने सुबह मकान से धुआं उठते हुए देखा तो उन्होंने घर की निचली मंजिल में सो रहे कृष्णू राम को उठाया।
इसके बाद शोर मचाकर गांव वालों को इकट्ठा किया। इसके बाद गांव वाले मिलकर आग बुझाने का प्रयास करने में जुट गए। इसी बीच प्रधान ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को भी जानकारी दी गई। आग लगने का देरी से पता लगने कारण ज्यादा नुकसान हुआ है।
सुबह करीब 7:30 बजे अग्निशमन विभाग के दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। इसके बाद आग पर काबू पाया गया। मगर तब तक मकान की ऊपरी स्लेटनुमा छत में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।
प्रधान का कहना है कि कृष्णू राम गरीब परिवार से संबंधित है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार रामेश्वर गौतम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को दस हजार की फौरी राहत प्रदान की है।
वार्ड मेंबर सुख देव, निरंजना नड्डा, जिला परिषद सदस्य वंदना, बीडीसी अध्यक्ष प्रोमिला वसु, ग्राम पंचायत बलघाड़ की प्रधान रचना, रोहल पंचायत प्रधान रचना, झंडूता की प्रधान कृष्णा, कमलेश ने पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से सहायता राशि प्रदान करने की मांग की है।